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Garhwa (Nityanand Deubey) : रात के आठ बजे की ठंडी हवा, एक बेवा महिला अपने गांव जरही के धार्मिक कार्यक्रम में जाने के लिए तैयार थी। वह सोच भी नहीं सकती थी कि उसकी जिंदगी के कुछ पल कितने भयानक और बदल देने वाले होंगे। रास्ते में उसका सामना नासिर अंसारी (45) से हुआ, एक परिचित चेहरा। उसने भरोसा दिलाया कि वह भी उसी जलसे में जा रहा है और महिला को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। यात्रा सामान्य लग रही थी, लेकिन यह केवल एक भ्रम था।
झांसे में जंगल की ओर
पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के बाद नासिर ने बेवा महिला को शॉर्टकट का झांसा देकर सुनसान जंगल की ओर मोड़ लिया। वहां की घनी झाड़ियों में उसने महिला के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने धमकी दी कि अगर विरोध किया तो उसे मार डाला जाएगा। वह अपने डर में जम गई, आवाज़ भी नहीं निकाल पाई।
पीड़िता की हिम्मत और न्याय की जीत
घटना के बाद महिला को जरही गांव के पास छोड़कर नासिर फरार हो गया। पर यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और थाने जाकर पूरी घटना दर्ज कराई। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नासिर को दोषी पाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा की अदालत ने उसे 10 साल की सश्रम कारावास की सजा और 5,000 रुपये का आर्थिक दंड सुनाया। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त छह माह की जेल भी काटनी होगी।
समाज के लिए संदेश
इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। पीड़िता की हिम्मत और अदालत के सख्त निर्णय ने यह साबित कर दिया कि समाज में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और न्याय संभव है।
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