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Home » गरीब बिटिया की शादी में देवदूत बने अधिवक्ता… जानें कैसे
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गरीब बिटिया की शादी में देवदूत बने अधिवक्ता… जानें कैसे

March 21, 2026No Comments2 Mins Read
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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : घर में शादी का माहौल था, लेकिन खुशियों के बीच चिंता भी कम नहीं थी। बेटी की शादी हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ा सपना होती है, पर जब जेब साथ न दे, तो यही सपना बोझ जैसा लगने लगता है। रामगढ़ के हैसला वार्ड संख्या 12 में रहने वाले एक परिवार की भी कुछ ऐसी ही हालत थी। बेटी पूजा कुमारी (बदला हुआ नाम) की शादी तय हो चुकी थी। रिश्तेदारों को खबर दे दी गई थी, तारीख भी करीब आ रही थी, लेकिन घर के अंदर एक ही सवाल गूंज रहा था कि सब कुछ कैसे होगा।

जब मदद की जरूरत थी, तब मिला साथ

इसी बीच व्यवहार न्यायालय रामगढ़ के अधिवक्ता रोहित प्रकाश को इस परिवार की स्थिति का पता चला। उन्होंने बिना देर किए आगे बढ़कर मदद का फैसला किया। यह सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं था, बल्कि एक परिवार के लिए बड़ी राहत थी। रोहित प्रकाश ने शादी के लिए जरूरी सामान जैसे ड्रेसिंग टेबल, डाइनिंग टेबल और कुर्सियां दीं। साथ ही चावल और आटा जैसे खाद्य सामग्री भी दी, ताकि घर में आने वाले मेहमानों की व्यवस्था आसानी से हो सके। इसके अलावा 21 हजार रुपये कैश देकर उन्होंने शादी की तैयारियों को आसान बना दिया।

घर में लौट आई मुस्कान

जिस घर में कुछ दिन पहले तक चिंता का माहौल था, वहां अब खुशी लौट आई। परिवार के लोगों के चेहरे पर सुकून साफ दिख रहा था। पूजा कुमारी के माता-पिता की आंखों में राहत थी, जैसे उनके सिर से कोई बड़ा बोझ उतर गया हो। परिजनों ने कहा कि वे शादी को लेकर बहुत परेशान थे। हर दिन यही सोचते थे कि खर्च कैसे पूरा होगा। लेकिन इस मदद ने उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।

“यह सिर्फ मदद नहीं, जिम्मेदारी है”

रोहित प्रकाश इस पूरे मामले को कोई बड़ा काम नहीं मानते। उनका कहना है कि समाज में जो लोग सक्षम हैं, उन्हें जरूरतमंदों की मदद जरूर करनी चाहिए। उनके अनुसार, कन्यादान सबसे बड़ा दान होता है और इसमें योगदान देना हर किसी का फर्ज है। वे बताते हैं कि वे पहले भी इस तरह के काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। खासकर बेटियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और गरीब परिवारों की मदद उनके काम का अहम हिस्सा है।

इसे भी पढ़ें : जेल में तैनात बेवा का भरोसा जीता, फिर खेल गया उसकी आबरू से

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