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Gumla : वह मंगलवार की दोपहर थी। 52 साल की महिला को लगा था कि वह अपनी बड़ी बेटी के गांव जा रही है, अपने परिचित अशोक लोहरा के साथ। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि भरोसे की यह सवारी उसे जीवनभर के दर्द के रास्ते पर ले जाएगी। अशोक लोहरा, उम्र में उससे करीब आधा, गांव का ही रहने वाला युवक था। परिचय था, पहचान थी और इसी पहचान ने महिला के मन में कोई डर नहीं रहने दिया। लेकिन जब साइकिल सुनसान खेतों की ओर मुड़ी, तो कहानी ने अचानक रुख बदल लिया। रास्ता सुनसान था। पेड़ों की छांव में एक खामोश दोपहर झिलमिलाती थी। तभी अशोक लोहरा की नीयत डोल गई। पहले छेड़छाड़, फिर विरोध, और फिर मारधाड़। महिला ने प्रतिरोध किया, तो वह बर्बरता पर उतर आया। लात-घूंसों से पिटाई की, जमीन पर पटक दिया, और फिर उसकी आबरू लूट ली। कुछ पल बाद आरोपी साइकिल लेकर वहां से भाग गया। खेतों में सिर्फ टूटी हुई मर्यादा और सन्नाटा रह गया।
“आबरू लूटकर भाग गया… मैं बहुत देर तक वहीं पड़ी रही”
महिला ने अपने परिजनों को यह कहते हुए रोते-रोते बताया। किसी तरह वह उठी, दर्द से कराहती हुई अपनी बेटी के गांव तक पहुंची। रात भर उसे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई। सुबह अपने घर लौटी और अपनी पोती को सारी बात बताई। पोती ने माता-पिता को बताया, और फिर परिवार देर शाम गुमला थाना पहुंचा। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए महिला का मेडिकल जांच कराया और आरोपी अशोक लोहरा के खिलाफ मामला दर्ज किया। गुरुवार की सुबह से ही उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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