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Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ट्रेन में परिवार को बैठाने आए एक यात्री के बच्चे के गले से सोने का लॉकेट अचानक गायब हो गया। बच्चे के गले में बजरंगबली की आकृति वाला लॉकेट था, जिसे किसी शातिर ने भीड़ का फायदा उठाकर झपट लिया। परिवार कुछ समझ पाता, उससे पहले आरोपी स्टेशन की भीड़ में गायब हो चुका था। लेकिन इस बार मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरे, आरपीएफ की सतर्कता और लगातार निगरानी ने दो दिन बाद आरोपी को फिर उसी स्टेशन पर पहुंचते ही पकड़वा दिया। “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के तहत हुई यह कार्रवाई अब रांची रेलवे स्टेशन पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
भीड़, विदाई और अचानक मचा हड़कंप
बीते 26 मई की शाम रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 पर रोज की तरह यात्रियों की भीड़ थी। ट्रेन संख्या 18603 एक्सप्रेस खुलने वाली थी। कोई सामान संभाल रहा था, कोई सीट ढूंढ रहा था, तो कोई अपने परिजनों को विदा कर रहा था। इसी भीड़ में अजय कुमार सिन्हा भी अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने आए थे। परिवार के साथ एक छोटा बच्चा भी था, जिसके गले में बजरंगबली की आकृति वाला सोने का लॉकेट था। ट्रेन खुलने की हलचल के बीच अचानक परिवार को पता चला कि बच्चे के गले से लॉकेट गायब है। कुछ ही सेकेंड में माहौल बदल गया। परिवार के लोग इधर-उधर देखने लगे, लेकिन तब तक आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर निकल चुका था।
कैमरों में कैद हो गई पूरी हरकत
घटना की सूचना मिलते ही RPF हरकत में आई। स्टेशन परिसर में लगी तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक युवक संदिग्ध गतिविधि करते हुए दिखाई दिया। उसकी हरकतों और मूवमेंट को ध्यान से देखने के बाद टीम को यकीन हो गया कि वही इस वारदात में शामिल है। इसके बाद RPF पोस्ट रांची, डिविजनल TOPB टीम और CIB रांची ने संयुक्त रूप से निगरानी शुरू कर दी। संदिग्ध की तस्वीर और हुलिया स्टेशन पर तैनात जवानों को दे दिया गया। टीम को उम्मीद थी कि आरोपी दोबारा स्टेशन पर नजर आ सकता है।
दो दिन बाद फिर स्टेशन पहुंचा आरोपी
28 मई को सीसीटीवी स्टाफ ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर उसी युवक को दोबारा घूमते देखा। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम तुरंत एक्टिव हो गई। बिना किसी हड़बड़ी के टीम ने प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी शुरू की। कुछ ही देर में जवानों ने युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम ऋतिक मिश्रा बताया, जो बोकारो का रहने वाला है।
तलाशी में खुल गया पूरा राज
जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से वही सोने का लॉकेट बरामद हुआ, जिसमें भगवान हनुमान की आकृति बनी हुई थी। इसके अलावा एक काला बटुआ और पैन कार्ड की कॉपी भी मिली। बाद में शिकायतकर्ता अजय कुमार सिन्हा को बुलाया गया। उन्होंने बरामद लॉकेट को तुरंत अपने बच्चे का लॉकेट पहचान लिया। पूछताछ में आरोपी ने भी चोरी की बात कबूल कर ली।
स्टेशन पर सक्रिय हैं झपटमार गिरोह
रेलवे स्टेशन पर इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। ट्रेनों के आने-जाने के समय प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ रहती है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर झपटमार और चोर यात्रियों को निशाना बनाते हैं। खासकर परिवार के साथ सफर कर रहे लोग या ट्रेन में विदा करने आए लोग अक्सर ऐसे अपराधियों के आसान टारगेट बन जाते हैं। RPF का कहना है कि स्टेशन पर लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के तहत संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है और सीसीटीवी मॉनिटरिंग को और मजबूत किया गया है।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट रांची के निरीक्षक शिशुपाल कुमार, उप निरीक्षक अश्वनी कुमार, स्टाफ मयंक सिंह, डिविजनल TOPB टीम के एएसआई अनिल कुमार, स्टाफ राज कुमार सिंह, हेमंत और CIB रांची की टीम की अहम भूमिका रही। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी और बरामद सामान को जीआरपी रांची के हवाले कर दिया गया, जहां उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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