अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा पेसा नियमावली लागू नहीं करने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित करते हुए मामले को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही राज्य में बालू और अन्य लघु खनिजों के आवंटन पर लगी रोक भी हटा दी गई है।
सरकार को मिला था समय
हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि दो महीने के भीतर पेसा नियमावली लागू की जाए। तय समय सीमा में नियमावली लागू नहीं होने पर कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा
पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि पेसा नियमावली का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इसे कैबिनेट से मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही नियमावली को लागू कर दिया जाएगा।
बालू लीज पर बड़ी राहत
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सनक अरे और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने की। करीब एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने बालू लीज प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी। इसके साथ ही पंचायती राज सचिव के खिलाफ चल रहा अवमानना मामला भी समाप्त कर दिया गया।
कैटेगरी-2 बालू घाटों का रास्ता साफ
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद झारखंड में कैटेगरी-2 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी। पिछले कई महीनों से कोर्ट के आदेश के कारण बालू लीज पर रोक लगी हुई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे।
बालू की कीमतों में राहत की उम्मीद
अब लीज प्रक्रिया शुरू होने से राज्य में बालू की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। इससे बालू की कीमतों में कमी आ सकती है। इसका सीधा फायदा निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और आम उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है।
इसे भी पढ़ें : 784 राउंड फाय’रिंग का दावा, एक भी सबूत नहीं, नक्सली कुंदन पाहन बरी



