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Ranchi : “आज बर्थडे पार्टी है, आ जाओ…” यह एक आम सा मैसेज था… एक Paragraphदोस्त का बुलावा था, भरोसे की बात थी। पीड़िता ने सोचा, थोड़ी देर बैठेंगे, केक कटेगा, हंसी-मजाक होगा और फिर लौट आएंगे। लेकिन उसे क्या पता था कि यह पार्टी नहीं, बल्कि एक ऐसी साजिश थी, जो उसकी जिंदगी को अंदर तक तोड़ देगी। रांची में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे शहर को हिला दिया है। आरोप है कि जन्मदिन पार्टी के दौरान युवती को नशीला पिज्जा खिलाया गया और फिर बेहोशी की हालत में उसके साथ दरिंदगी की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया है।
बर्थडे पार्टी का न्योता, लेकिन अंदर कुछ और ही चल रहा था
पीड़िता जमशेदपुर की रहने वाली है। उम्र करीब 25 साल। रांची में रहकर एमडीएस की तैयारी कर रही थी। पुलिस को दिए गए फर्द बयान के अनुसार पढ़ाई में व्यस्त रहने वाली इस युवती को 9 अप्रैल को उसकी सहेली ओली विश्वकर्मा जन्मदिन पार्टी में बुलाती है। उसने कहा कि पार्टी में कई लड़कियां भी रहेंगी। यानी कोई डर या झिझक की बात नहीं। सहेली थी, भरोसा था… इसलिए वह चली गई। लेकिन जैसे ही वह गोकुल वाटिका स्थित फ्लैट में पहुंची, उसका दिल बैठ गया। वहां लड़कियां नहीं थीं, बल्कि कुछ युवक पहले से मौजूद थे।
वह असहज हो गई। मन में डर आया। उसने कहा कि वह वापस जाएगी। लेकिन उसे भरोसा दिलाया गया… “अरे कुछ नहीं होगा… बस पार्टी है।” और यही भरोसा उसके लिए सबसे बड़ा जाल बन गया।
केक काटा गया, हंसी थी… लेकिन आंखों के पीछे साजिश
शाम करीब 8 बजे केक काटा गया। माहौल सामान्य दिख रहा था। बातों का दौर चल रहा था। लड़की भी खुद को समझा रही थी कि शायद वह बेवजह घबरा रही है। लेकिन उसी पार्टी में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबकुछ बदल दिया। पीड़िता के मुताबिक, दानिश नाम के लड़के ने उसे पिज्जा दिया। पिज्जा खाना कोई बड़ी बात नहीं थी। पार्टी में यही तो चलता है। लेकिन कुछ मिनटों बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। सिर भारी होने लगा। शरीर सुन्न पड़ने लगा। आंखों के सामने धुंध छाने लगी। उसे लगने लगा जैसे किसी ने उसके शरीर पर कब्जा कर लिया हो। वह चाहकर भी खुद को संभाल नहीं पा रही थी।
पिज्जा खाते ही टूटने लगी हिम्मत, घबराकर कमरे की तरफ भागी
लड़की ने खुद को संभालते हुए कमरे में जाकर आराम करने की कोशिश की। उसे लगा कि थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसने सोचा भी नहीं था कि कमरे का दरवाजा बंद होते ही उसकी जिंदगी का सबसे भयानक हादसा शुरू होने वाला है। आरोप है कि दानिश भी पीछे-पीछे कमरे में पहुंच गया। दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पीड़िता उस वक्त पूरी तरह होश में नहीं थी। वह न तो ठीक से बोल पा रही थी, न चल पा रही थी। और इसी हालत का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दरिंदगी की।
सुबह आंख खुली तो शरीर पर दर्द, कपड़ों पर खून और मन में चीख
सुबह जब पीड़िता को होश आया, तो वह जैसे पत्थर बन गई। उसने खुद को खून से लथपथ पाया। शरीर में तेज दर्द था। हालत गंभीर थी। दिमाग सुन्न था और आंखों में आंसू भी नहीं निकल रहे थे। वह समझ चुकी थी कि उसके साथ क्या हो चुका है। जिस भरोसे के साथ वह पार्टी में गई थी, वही भरोसा उसके शरीर और आत्मा को नोच चुका था। उसके भरोसे का खून हो चुका था। उसने किसी तरह खुद को संभाला और बाहर आकर अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी।
हॉस्टल छोड़ा, लेकिन डर पीछा करता रहा
पीड़िता ने बताया कि उसके एक दोस्त ने उसे हॉस्टल पहुंचा दिया। लेकिन यह कोई सामान्य दर्द नहीं था, यह ऐसा दर्द था जो भीतर तक खा रहा था। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। शरीर कमजोर होता जा रहा था। और सबसे बड़ी बात… वह अंदर से टूट चुकी थी।
अस्पताल पहुंची तो खुली कहानी, सहेली ने कहा- पुलिस को बताओ
11 अप्रैल को हालत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उसे रांची के ऑर्किड अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने जांच की, तब मामला और साफ हुआ। पीड़िता के मुताबिक, उसकी सहेली ने उसे हिम्मत दी और कहा कि यह चुप रहने का समय नहीं है। अगर आज चुप रह गई, तो कल किसी और के साथ भी यही होगा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
अस्पताल पहुंची लालपुर थाना पुलिस, दर्ज हुआ बयान
सूचना मिलते ही लालपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़िता का फर्दबयान दर्ज किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मेडिकल रिपोर्ट, बयान और अन्य सबूत जुटाए जाने लगे।
आरोपी भागने की तैयारी में था, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी दानिश पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच हो रही है कि पार्टी में मौजूद बाकी युवकों की भूमिका क्या थी।
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