अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में एक साथ 211 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ होगा। इसे राज्य में उच्च शिक्षा के सबसे बड़े विस्तारों में से एक माना जा रहा है। सीएम सम्राट का दावा है कि इससे लाखों युवाओं को अपने जिले या आसपास ही स्नातक की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर विश्वविख्यात विक्रमशिला की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठा है। करीब 220 एकड़ भूमि पर विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
अब कॉलेज की तलाश में दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा
बिहार के कई ऐसे प्रखंड और जिले हैं, जहां आज भी छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और छात्राओं पर पड़ता है। कई बार दूरी और खर्च की वजह से पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है।
211 नए डिग्री कॉलेज शुरू होने के बाद यह तस्वीर बदलने की उम्मीद है। अब बड़ी संख्या में छात्रों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इससे कॉलेजों में दाखिले बढ़ेंगे और ड्रॉपआउट की समस्या भी कम हो सकती है।
सिर्फ कॉलेज नहीं, भविष्य तैयार करने की कोशिश
सम्राट सरकार इस पहल को केवल नए भवन खोलने तक सीमित नहीं मान रही है। कोशिश यह है कि इन महाविद्यालयों को ऐसे शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए, जहां पढ़ाई के साथ शोध, नवाचार और रोजगार से जुड़ी शिक्षा पर भी बराबर जोर दिया जाए। आने वाले समय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल क्लासरूम, पुस्तकालय और नई तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की भी योजना है, ताकि ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
बिहार में 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों का कल एकसाथ शुभारंभ होगा। यह पहल बिहार को उच्च शिक्षा, शोध एवं नवाचार का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
साथ ही विश्वविख्यात विक्रमशिला की गौरवशाली विरासत को नई ऊर्जा देते हुए लगभग 220 एकड़ भूमि पर केंद्रीय…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 14, 2026
छात्राओं की पढ़ाई को मिलेगा सबसे बड़ा सहारा
इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा छात्राओं को होगा। अक्सर परिवार दूर के कॉलेजों में बेटियों को भेजने से हिचकिचाते हैं। अब जिले और आसपास ही कॉलेज उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगी। इससे महिलाओं की शिक्षा दर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
विक्रमशिला को फिर मिलेगी दुनिया में नई पहचान
उच्च शिक्षा के इस अभियान के साथ बिहार अपनी ऐतिहासिक विरासत को भी नए सिरे से जीवंत करने जा रहा है। भागलपुर के पास स्थित विश्वविख्यात विक्रमशिला कभी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्रों में गिना जाता था। यहां देश ही नहीं, विदेशों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते थे। अब करीब 220 एकड़ भूमि पर विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसके बनने के बाद एक बार फिर बिहार वैश्विक शिक्षा और शोध के मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
शोध और नवाचार को मिलेगी नई दिशा
केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से केवल पारंपरिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शोध, विज्ञान, तकनीक, भारतीय ज्ञान परंपरा और बौद्ध अध्ययन जैसे विषयों को भी नई गति मिलेगी। देश-विदेश के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र बन सकता है।
इसे भी पढ़ें : सीएम सम्राट की दो टूक- 30 दिन के भीतर शिकायतों का समाधान करें, वरना…

