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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : अपराध की जांच में अब लापरवाही या अनावश्यक देरी की कोई गुंजाइश नहीं होगी। नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद रामगढ़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि हर केस की जांच तय समय-सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। इसी को लेकर पुलिस कप्तान मुकेश कुमार लुनायत ने जिले के सभी एसडीपीओ, इंस्पेक्टरों और थानेदारों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के पालन से लेकर लंबित मामलों की स्थिति तक हर बिंदु पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। साथ ही नए आपराधिक कानून क्रियान्वयन पोर्टल पर दर्ज 60 और 90 दिन की समय-सीमा वाले लंबित मामलों का भी बारीकी से आकलन किया गया।
हर केस की हुई थानावार समीक्षा
बैठक में जिले के सभी थानों के लंबित मामलों को एक-एक कर देखा गया। किन मामलों में जांच समय पर आगे बढ़ रही है और किन मामलों में देरी हो रही है, इस पर अधिकारियों से जवाब भी लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि हर अनुसंधान नए कानूनों के प्रावधानों के अनुसार किया जाए और निर्धारित समय के भीतर पूरा कर न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब जांच में ढिलाई या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अगर किसी मामले में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
60 और 90 दिन वाले मामलों पर रहेगी खास नजर
एसपी ने सभी इंस्पेक्टरों और एसडीपीओ को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के हर थाना की नियमित समीक्षा करें। खास तौर पर ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जाए जिनकी 60 या 90 दिन की समय-सीमा पूरी होने वाली है। उन्होंने कहा कि समय-सीमा खत्म होने से पहले ही जरूरी कार्रवाई पूरी कर ली जाए ताकि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
वैज्ञानिक तरीके से होगी जांच
बैठक में अनुसंधानकर्ताओं को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मजबूत साक्ष्य और निष्पक्ष जांच से ही अदालत में मामलों की मजबूती बढ़ती है और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाता है। उन्होंने कहा कि जांच की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर अनुसंधान कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप, पारदर्शी और तथ्य आधारित होना चाहिए।
नए कानूनों का मकसद बेहतर न्याय व्यवस्था
बैठक के अंत में एसपी ने कहा कि नए आपराधिक कानून केवल पुराने कानूनों की जगह लेने के लिए नहीं बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ इन कानूनों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
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