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Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार का मुख्य मकसद हर आम नागरिक की शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय में निपटारा कर उसे संतुष्ट करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता की समस्याओं को टालने के बजाय संवेदनशीलता और तेजी से हल करें। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में पहुंचे 101 फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद सीएम ने कहा कि लोगों का शासन पर भरोसा तभी बना रहेगा जब उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और सही समय पर न्याय मिलेगा।

अफसरों को दो टूक- गंभीरता से लें जनता की शिकायतें
कार्यक्रम में सीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक कहा कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें और अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलों को दबाकर रखने की आदत छोड़नी होगी और हर आवेदन का तय समय सीमा में निष्पादन करना सुनिश्चित करना होगा।
“संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सभी की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना हमारा दायित्व है। सहयोग कार्यक्रम से लोगों का भरोसा बढ़ा है, इसे हर हाल में बनाए रखना होगा।”
— सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
मौके पर ही डीएम को फोन, कई मामलों में तुरंत मिला समाधान
शिविर के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने जमीन विवाद, शिक्षा, पुलिस, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य से जुड़ी अपनी परेशानियां सीएम के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने फरियादियों की बात सुनते ही संबंधित जिलों के डीएम और विभागीय सचिवों को तलब किया और तुरंत समाधान निकालने को कहा। अधिकारियों के त्वरित एक्शन और आश्वासन के बाद कई फरियादी राहत महसूस करते दिखे। कई लोगों ने कहा कि जो मामले महीनों से लटके पड़े थे, उनका समाधान यहां कुछ ही देर में निकल गया।

31 मार्च 2027 तक गांवों के स्कूल, अस्पताल और सड़कों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम
सीएम ने गांवों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सेवा संकल्प और कायाकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भवन, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और छूटे हुए टोलों की सड़कों की मरम्मत 31 मार्च 2027 से पहले पूरी कर ली जाए। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्कूलों में टॉयलेट, पीने का पानी, बिजली, चहारदीवारी और रंग-रोगन जैसी बुनियादी जरूरतों को पहली प्राथमिकता में रखा जाए और भवनविहीन स्कूलों के निर्माण में तेजी लाई जाए।
ये रहे मौजूद
इस बैठक में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सभी जिलों के डीएम और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े रहे।
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“संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सभी की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना हमारा दायित्व है। सहयोग कार्यक्रम से लोगों का भरोसा बढ़ा है, इसे हर हाल में बनाए रखना होगा।”