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Patna : बिहार में विकास योजनाओं की सुस्त चाल पर सीएम सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जनता से जुड़े प्रोजेक्ट्स में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सीएम ने ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी योजनाओं और केंद्र प्रायोजित स्कीमों की समीक्षा की। इस हाईलेवल बैठक में उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए और तय डेडलाइन के भीतर हर काम पूरा हो, ताकि आम लोगों तक इनका फायदा बिना देरी पहुंचे।
साइंस सिटी 2028 तक और आमस-शिवरामपुर मार्ग 2027 तक पूरा करने का टारगेट
राजधानी पटना के राजेंद्र नगर में बन रही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी को लेकर सीएम ने निर्देश दिया कि यहां विभिन्न गैलिरियों के प्रदर्शों का निर्माण कार्य साल 2028 तक हर हाल में खत्म किया जाए। इससे राज्य के युवाओं में विज्ञान और नवाचार की समझ बढ़ेगी। इसके अलावा सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एनएच-119डी के आमस-दरभंगा रूट की समीक्षा की गई। इसके पैकेज-1 के तहत आने वाले 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर खंड को साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही जल स्रोतों के बचाव और मिट्टी के सही इस्तेमाल के लिए बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति के तहत एनएचएआई से समझौता करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
“राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पेंडिंग कामों को प्राथमिकता पर निपटाएं, किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी।”
-सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
12 लाख आवास का लक्ष्य जल्द हो पूरा, बाढ़ पीड़ितों और आदिवासियों को तरजीह
ग्रामीण विकास की योजनाओं पर बात करते हुए सीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तय 12 लाख मकानों के निर्माण लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए चल रहे सर्वे में तेजी लाएं और जो भी आपत्तियां आ रही हैं, उनका पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवास की प्राथमिकता सूची में आगे रखा जाए। इसके साथ ही कमजोर जनजातीय समूहों के लिए विशेष अभियान चलाकर आदिवासी परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराने के आदेश दिए गए।

जमीन की अंचलवार समीक्षा करें जिले के प्रभारी सचिव
सीएम वास स्थल क्रय सहायता योजना की प्रगति देखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जिन भूमिहीन लाभार्थियों को घर बनाने के लिए जमीन चाहिए, उन्हें राहत देने के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता की अंचलवार जांच की जाए। जिलों के प्रभारी सचिवों को इस काम का जिम्मा सौंपा गया है ताकि जमीन से जुड़ी अड़चनों को फौरन सुलझाया जा सके। सीएम ने कहा कि अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर निगरानी करें। इस अहम बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
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“राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पेंडिंग कामों को प्राथमिकता पर निपटाएं, किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी।”