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Patna : बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को बदहाल व्यवस्था और टूटी-फूटी दीवारों से राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत जिला अस्पतालों से लेकर गांव-कस्बों के स्वास्थ्य केंद्रों तक में रंग-रोगन, छोटी-मोटी मरम्मत और जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को साफ निर्देश दिया है कि 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में सारा काम पूरा हो जाना चाहिए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत शुरू हुए इस अभियान में राज्य भर के 36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 342 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल किए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर जरूरत के हिसाब से काम कराने के लिए रोगी कल्याण समिति और जन आरोग्य समिति के बैंक खातों में सीधे फंड भेज दिया गया है।

लोकल जरूरतों के हिसाब से होगा काम, फंड की नहीं होगी कमी
इस अभियान में सबसे खास बात यह रखी गई है कि किस अस्पताल में क्या काम पहले होना है, इसका फैसला स्थानीय स्तर पर होगा। जन आरोग्य समितियां जमीनी जरूरतों को देखकर प्राथमिकता तय करेंगी, ताकि पैसे का सही इस्तेमाल हो सके। इस काम के लिए बजट मुख्य रूप से डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम और अन्य मदों से जुटाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य के हर नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मकसद सिर्फ दीवारों को रंगना नहीं, बल्कि अस्पतालों में ऐसा माहौल बनाना है जहां मरीज और उनके तीमारदार आएं तो उन्हें साफ-सफाई और जरूरी सुविधाएं मिलें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुधरने से गांव के लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा और घर के पास ही बेहतर इलाज मिल जाएगा।
गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों में बनेगी बाउंड्री, लगेंगे पेड़-पौधे
अस्पतालों की इमारतों के अंदर सुधार के साथ-साथ उनके परिसरों को भी संवारा जाएगा। खासकर ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग से हाथ मिलाया है। वाइब्रेंट भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत इन केंद्रों पर बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी, शौचालयों का निर्माण होगा और परिसर में जहां गड्ढे हैं वहां मिट्टी भराई की जाएगी। इसके अलावा परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण और सौंदर्यीकरण का काम भी कराया जाएगा।
काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 31 अक्टूबर तक तय समय में काम पूरा करने का आदेश
स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने सभी अफसरों को स्पष्ट ताकीद की है कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा यानी 31 अक्टूबर 2026 तक सारे काम हर हाल में पूरे कराने होंगे। इसके लिए जिलों में नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जाएगी। जो बजट जारी किया गया है, उसका पाई-पाई सही तरीके से खर्च होना चाहिए, ताकि अस्पतालों में आने वाले आम लोगों को जमीनी स्तर पर बदलाव महसूस हो सके।
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