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Patna : बिहार में अदालती मुकदमों और विवादों के त्वरित समाधान के लिए 12 सितंबर को राज्य के 37 जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। पटना स्थित BSLSA परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने बताया कि इस बार प्री-लिटिगेशन स्तर के लगभग 4 लाख 99 हजार 736 मामलों को चिन्हित किया गया है। प्राधिकरण ने कम से कम 50 हजार मामलों को सुलझाने का शुरुआती लक्ष्य तय किया है, हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आपसी सहमति से यह संख्या एक लाख के पार भी पहुंच सकती है।
ट्रैफिक चालान के लिए गांधी मैदान में लगेंगे 30 काउंटर
राजधानी पटना के लोगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर के गांधी मैदान में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए कुल 30 काउंटर बनाए जाएंगे। जिन लोगों के वाहनों के चालान कटे हैं, वे मौके पर ही जाकर इनका निस्तारण करवा सकते हैं। इसके लिए वाहन चालकों को अपने साथ चालान की कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना जरूरी होगा। अधिकारियों का कहना है कि इन काउंटरों पर भीड़ को नियंत्रित रखने और लोगों का काम तेजी से निपटाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
गर्मी को देखते हुए पेयजल और मेडिकल कैंप के पुख्ता इंतजाम
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आम लोगों को परिसर में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है। सभी जिलों के शिविरों में साफ-सफाई के साथ-साथ शुद्ध पेयजल का पुख्ता प्रबंध किया गया है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल पर फर्स्ट एड और मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। प्राधिकरण का प्रयास है कि अदालत परिसर में आने वाले फरियादियों को कतार में ज्यादा देर परेशान न होना पड़े।
कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मुक्ति का आसान जरिया
प्राधिकरण के रजिस्ट्रार आशुतोष कुमार रवि ने बताया कि लोक अदालत का असली मकसद जरूरतमंदों को बिना किसी खर्च के तुरंत न्याय दिलाना है। सालों से खिंच रहे विवादों को दोनों पक्षों की रजामंदी से यहां हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। इससे न केवल लोगों के पैसे और समय की बचत होती है, बल्कि आपस का मनमुटाव भी खत्म होता है। इस मौके पर सदस्य सचिव पुरुषोत्तम मिश्रा और असिस्टेंट रजिस्ट्रार सिया श्रुति समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे आगे आएं और अपने पुराने मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाएं।
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