अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Begusarai : बिहार के बेगूसराय में आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं था। आईओसीएल स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था और मौका था बिहार की शिक्षा और विकास को एक नई उड़ान देने का। सीएम सम्राट चौधरी ने एक ही मंच से राज्य को कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने एक झटके में 551 सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालय का उद्घाटन कर इतिहास रच दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, बेगूसराय के लोगों के दिल को छूने वाली घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम पर यहीं एक शानदार यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
बेगूसराय को मिला ‘दिनकर’ का सम्मान और तिरुपति का आशीर्वाद
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जन्मभूमि बेगूसराय के लिए यह बेहद भावुक और गर्व का पल है। उनके नाम पर बनने वाली नई यूनिवर्सिटी न सिर्फ उच्च शिक्षा और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनेगी, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को दिनकर जी के विचारों और साहित्य से भी जोड़ेगी। इसके साथ ही, सिमरिया में 10 एकड़ की बड़ी जमीन पर भगवान श्री वेंकटेश्वर (तिरुपति) मंदिर की स्थापना होने जा रही है। इस भव्य मंदिर के बनने से इलाके में आस्था का माहौल तो मजबूत होगा ही, साथ ही पर्यटन बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

गंगा किनारे मरीन ड्राइव और 5 घंटे में कोलकाता का सफर
बिहार के इन्फ्रास्ट्रक्चर को चमकाने के लिए भी कई बड़े ऐलान हुए। अब सिमरिया से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के किनारे-किनारे एक चमचमाता ‘मरीन ड्राइव’ बनाया जाएगा। सोचिए, गंगा के किनारे का यह सफर कितना खूबसूरत और आसान हो जाएगा! वहीं दूसरी तरफ, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे को लेकर भी अच्छी खबर आई। इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद बेगूसराय और मुंगेर के लोग सिर्फ 5 घंटे में कोलकाता पहुंच सकेंगे। इससे कारोबारियों को अपना सामान भेजने में आसानी होगी और पूरे इलाके का आर्थिक विकास तेजी से होगा।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कर-कमलों द्वारा बेगूसराय जिले के आई०ओ०सी०एल० स्टेडियम में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने जनसभा को संबोधित किया।@samrat4bjp pic.twitter.com/m6T3tcahLS
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 19, 2026
बिहार पढ़ेगा, तब बिहार आगे बढ़ेगा
सीएम सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि जो सुविधाएं बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों में मिलती हैं, वही अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और ग्रामीण बच्चों को भी मिलें। इन 551 आदर्श स्कूलों में करीब 4 लाख बच्चे पढ़ाई करेंगे। इन स्कूलों को आधुनिक लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल स्टूडियो से लैस किया जा रहा है। यहां बच्चों को नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी, ताकि उन्हें कोचिंग के लिए दूसरे राज्यों में न भटकना पड़े।
तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 15 अगस्त से ‘FILO App’ के जरिए लाइव और इंटरैक्टिव क्लासेस शुरू की जा रही हैं। बच्चे जब चाहें, इस ऐप की मदद से लाइव पढ़ सकेंगे। वहीं, स्कूलों की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाते हुए 29 जुलाई से शुरू किया जा रहा है।

रोजगार, दीदियों की मदद और नदियों को जोड़ने का काम
सरकार ने राज्य में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का बड़ा लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता शिविर के जरिए आए 6 लाख आवेदनों में से 5 लाख 60 हजार का निपटारा किया जा चुका है। जो लोग फैसलों से खुश नहीं हैं, उनके लिए हर महीने के दूसरे मंगलवार को राज्य स्तरीय शिविर लगाया जाता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 81 लाख बहनों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं और जो बाकी रह गई हैं, उनके खातों में 25 जुलाई तक पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, खेती और पानी की समस्या को दूर करने के लिए शिवहर में बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ो योजना के तहत बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल की शुरुआत भी कर दी गई है।

बच्चों के बीच पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी
समारोह से ठीक पहले सीएम सम्राट चौधरी बेगूसराय के बीपी इंटर स्कूल पहुंचे, जिसे आदर्श विद्यालय के रूप में ढाला गया है। वहां उन्होंने रिबन काटकर स्कूल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने खुद म्यूजिक रूम, लाइब्रेरी, फिजिक्स लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं देखीं। स्कूल के बच्चों ने जब अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए साइंस और आर्ट की प्रदर्शनी दिखाई, तो मुख्यमंत्री ने उनसे बात की और उनकी पीठ थपथपाई।
इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत कई बड़े नेता, अधिकारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कुल मिलाकर, यह आयोजन बदलते हुए बिहार की एक नई और आधुनिक तस्वीर पेश कर गया।

इसे भी पढ़ें : शिवहर को 330 करोड़ की सौगात, सीएम सम्राट बोले- थमेगी बाढ़ की तबाही

