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Patna : पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रही पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना के तहत पिछले 8 वर्षों में 5413 युवा-युवतियों को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्ष 2018 से शुरू हुई इस योजना के तहत युवाओं को ऐसे काम सिखाए जा रहे हैं, जिनकी बाजार में लगातार मांग बनी हुई है।
योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को प्लंबिंग, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, ब्यूटी कल्चर, फैशन डिजाइनिंग, मशीनरी ऑपरेशन, वेल्डिंग और ड्राइविंग समेत कई ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन ट्रेड्स का उद्देश्य युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार करना है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा स्थानीय स्तर पर काम शुरू कर सकते हैं। प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और ड्राइविंग जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण लेकर वे अपनी सेवाएं देकर कमाई कर सकते हैं। वहीं कंप्यूटर, ब्यूटी कल्चर और फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी नौकरी और अपना काम शुरू करने के अवसर मौजूद हैं।
9 केंद्रों पर 370 प्रशिक्षणार्थी ले रहे ट्रेनिंग
फिलहाल राज्य के 9 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर 370 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भागलपुर, मुंगेर, गोपालगंज, पूर्णिया, रोहतास, कटिहार और दरभंगा समेत अन्य केंद्रों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण मिल रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को ट्रेड से जुड़ी जानकारी के साथ मशीनों, उपकरणों और तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाता है। इससे उन्हें वास्तविक काम का अनुभव मिलता है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार पाने में मदद मिलती है।
इंटर्नशिप से मिल रहा काम का अनुभव
योजना के तहत प्रशिक्षणार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप का अवसर भी दिया जा रहा है। इससे युवाओं को काम के वास्तविक माहौल को समझने और अपनी क्षमता को बेहतर बनाने का मौका मिलता है।
विभाग का कहना है कि युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें काम करने का अनुभव भी मिलना चाहिए, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे सीधे रोजगार से जुड़ सकें।
बढ़ेंगे केंद्र, नए ट्रेड भी जुड़ेंगे
विभाग अब योजना का विस्तार करने की तैयारी में है। आने वाले समय में प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने और नए ट्रेड्स को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। इससे राज्य के ज्यादा से ज्यादा पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा।
सरकार का मानना है कि कौशल प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा सकता है। पिछले आठ वर्षों में 5413 युवाओं को प्रशिक्षण मिलना इस दिशा में योजना की बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में नए केंद्र और नए ट्रेड जुड़ने से इसका लाभ और अधिक युवाओं तक पहुंचने की उम्मीद है।
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