अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है। जो अपराधी गिरफ्तारी से बच रहे हैं, उनके घरों तक पुलिस पहुंच रही है और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर रौब झाड़ने वाले और गुंडई करने वालों पर भी लगातार शिकंजा कस रहा है। ऐसे मामलों में अब तक 102 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 130 लोगों को गिरफ्तार किकर उनकी हेकड़ी पुलिस ने निकाल दी है। इस बात की खुलासा शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन में ADG (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) के. सुहिता अनुपम ने मीडिया के सामने किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है और इसका असर भी दिखाई दे रहा है।
11 दिनों में 2125 कुर्की की कार्रवाई
एडीजी ने बताया कि 11 से 20 जुलाई तक चलाए जा रहे विशेष कुर्की अभियान के तहत अब तक 2,125 कुर्की का निष्पादन किया जा चुका है। पुलिस की कोशिश है कि जो अपराधी गिरफ्तारी से बच रहे हैं, उन पर कानूनी दबाव बढ़ाया जाए ताकि वे जल्द कानून के सामने आएं।
सोशल मीडिया पर हथियार दिखाना पड़ा भारी
आजकल सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करना कुछ युवाओं के लिए शौक बन गया है, लेकिन अब यह शौक सीधे जेल तक पहुंचा रहा है। पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर और साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट चौबीसों घंटे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और दूसरे प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। एक मई से 14 जुलाई के बीच हथियार का प्रदर्शन करने वाले मामलों में 102 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस दौरान 130 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 40 हथियार भी बरामद किए गए। सबसे ज्यादा कार्रवाई पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी में हुई है।
आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई
पुलिस सिर्फ हथियार दिखाने वालों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर धार्मिक या जातीय तनाव फैलाने और किसी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। ऐसे 514 मामलों की पहचान कर कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इनमें से 243 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों की जांच जारी है।
बिहार पुलिस द्वारा हाल के दिनों में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई, विशेष रूप से पुलिस पर हमले के मामलों में चलाए जा रहे विशेष समकालीन अभियान, राज्यव्यापी कुर्की अभियान (1/2)
.
.#BiharPolice #CrimeControl #pressconference @BiharHomeDept @IPRDBihar pic.twitter.com/DnC2TZetUe— Bihar Police (@bihar_police) July 17, 2026
डायल-112 अब 10 मिनट में पहुंचेगी मदद
ADG ने बताया कि डायल-112 सेवा का रिस्पांस टाइम अब घटकर 10 मिनट हो गया है। इससे घटनास्थल पर पुलिस पहले से ज्यादा तेजी से पहुंच रही है और अपराध नियंत्रण में मदद मिल रही है। इसके अलावा युवाओं के लिए चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। अब सीसीटीएनएस के जरिए थानों और संबंधित पोर्टल को जोड़ दिया गया है, जिससे प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आसान और तेज होगी।
मानव तस्करी के खिलाफ चला ऑपरेशन नया सवेरा-3.0
मानव तस्करी रोकने के लिए 1 से 14 जुलाई के बीच चलाए गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 52 एफआईआर दर्ज हुईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 82 महिलाओं और 75 पुरुषों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। गिरफ्तारी के मामले में पटना पहले स्थान पर रहा, जहां 40 तस्कर पकड़े गए। इसके बाद सहरसा में 13 और किशनगंज में 9 गिरफ्तारियां हुईं। वहीं सबसे ज्यादा पीड़ितों का रेस्क्यू किशनगंज में हुआ, जहां 23 लोगों को बचाया गया। इसके बाद सीतामढ़ी में 17 और पटना, अरवल तथा मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने संयुक्त रूप से 14 लोगों को सुरक्षित निकाला।
साम्प्रदायिक हिंसा और पुलिस पर हमले के मामलों में भी सख्ती
ADG ने बताया कि मई और जून के दौरान विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। इस अवधि में साम्प्रदायिक हिंसा, पुलिस पर हमला, भीड़ हिंसा और हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में कुल 533 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मुकदमों के जल्द निपटारे के लिए गवाहों की उपस्थिति भी सुनिश्चित कराई जा रही है। इस साल 51,189 गवाह अदालत पहुंचे, जिनमें से 49,191 की गवाही कराई गई, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
पुलिस मुख्यालय ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए मई और जून में विशेष सतर्कता बरती गई। सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है और इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लगातार नजर रखे हुए है।
नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई
मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए भी पुलिस लगातार अभियान चला रही है। मई और जून के दौरान 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन और 26,135 किलो गांजा समेत बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। एडीजी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2027 तक देश को नशा मुक्त बनाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर सहित पूरी सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
21 जुलाई से युवाओं को कानून की जानकारी देगी पुलिस
युवाओं को कानून के प्रति जागरूक बनाने के लिए 21 जुलाई से 10 अगस्त तक ऑपरेशन विधि पालक युवक चलाया जाएगा। इसके तहत मानव तस्करी, दहेज प्रताड़ना, पॉक्सो कानून, महिला अपराध, अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और अन्य प्रमुख संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) का गठन भी किया गया है। यह टीम छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक करेगी।
इसे भी पढ़ें : CM सम्राट का बड़ा विजन, AI के सहारे लिखी जाएगी विकसित बिहार की नयी कहानी

