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Patna : कल्पना कीजिए कि गांव का एक किसान अपनी बोली में मोबाइल पर सवाल पूछे और उसे सरकारी योजना की पूरी जानकारी तुरंत मिल जाए। कोई बुजुर्ग पेंशन से जुड़ी परेशानी बताए और कुछ ही मिनटों में समाधान मिल जाए। किसी छात्र को पढ़ाई, स्कॉलरशिप या नौकरी की जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। आने वाले समय में बिहार की तस्वीर कुछ ऐसी ही हो सकती है। सीएम सम्राट चौधरी ने इसका जुगाड़ कर दिया है।
जी हां… आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया में बिहार ने ऐसा कदम बढ़ाया है, जो आने वाले वर्षों में शासन और आम लोगों की जिंदगी दोनों को बदल सकता है। सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में सूचना प्रावैधिकी विभाग ने Sarvam.AI और BharatGPT के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद सिर्फ नई तकनीक लाना नहीं, बल्कि बिहार की जरूरतों के हिसाब से अपना स्वदेशी AI मॉडल तैयार करना है।
अब बिहार अपनी जरूरतों के हिसाब से तैयार करेगा AI
आज ज्यादातर AI प्लेटफॉर्म वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। लेकिन बिहार की चुनौतियां अलग हैं। यहां की भाषाएं, बोलियां, प्रशासनिक जरूरतें और लोगों की समस्याएं भी अलग हैं। इसी सोच के साथ राज्य सरकार अब ऐसा AI मॉडल तैयार कराना चाहती है, जो बिहार की जरूरतों को समझे। जो सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि स्थानीय भाषाओं और बोलियों में भी लोगों की मदद कर सके। इसका फायदा गांव से लेकर शहर तक हर वर्ग को मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार तथा एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड (Sarvam AI) एवं को-रोवर (CoRover) प्राइवेट लिमिटेड के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने हेतु महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर… pic.twitter.com/Sz2CbJLZ3P
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 17, 2026
सरकारी दफ्तरों में कम होगी भागदौड़
सरकारी दफ्तरों में अक्सर लोग छोटी-छोटी जानकारी के लिए कई बार चक्कर लगाते हैं। आवेदन की स्थिति जानने में समय लगता है और कई प्रक्रियाएं अभी भी काफी लंबी हैं। सरकार का मानना है कि AI आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद कई सेवाएं ऑनलाइन और काफी आसान हो जाएंगी। लोगों को सही जानकारी जल्दी मिलेगी, फाइलों का निपटारा तेज होगा और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीक को सीधे आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि सरकारी सेवाएं पहले से ज्यादा सरल, तेज और नागरिकों के अनुकूल बन सकें।
युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते
यह पहल सिर्फ सरकारी व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगी। इसका असर रोजगार और स्टार्टअप की दुनिया पर भी दिखाई देगा। राज्य में बड़े स्तर पर AI स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को नई तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। AI आधारित स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को भी सरकार सहयोग और मार्गदर्शन देगी। इससे बिहार के युवाओं को राज्य छोड़कर दूसरे शहरों में अवसर तलाशने की जरूरत कम पड़ सकती है।
स्थानीय भाषाओं में भी बोलेगा AI
इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि AI को बिहार की भाषाई विविधता के अनुरूप विकसित किया जाएगा। राज्य के शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में रिसर्च करने की सुविधा मिलेगी। इससे ऐसे AI समाधान तैयार हो सकेंगे, जो गांवों तक आसानी से पहुंचें और लोगों की भाषा में उनकी समस्याओं का समाधान दें। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर तकनीक लोगों की भाषा में उपलब्ध हो, तो उसका असर कई गुना बढ़ जाता है।
सुशासन को मिलेगी नई ताकत
बिहार लंबे समय से डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। अब AI को इससे जोड़कर सरकार प्रशासन को और प्रभावी बनाना चाहती है। सरकारी विभागों को भारत में विकसित AI मॉडल और एप्लिकेशन तक पहुंच मिलेगी। कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे नई तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर बेहतर निगरानी भी संभव हो सकेगी।
बिहार बन सकता है नई मिसाल
देश में AI को लेकर तेजी से काम हो रहा है, लेकिन बिहार ने इस दिशा में स्थानीय जरूरतों और भारतीय तकनीक को प्राथमिकता देकर अलग राह चुनी है। अगर यह पहल योजनाओं के मुताबिक आगे बढ़ी, तो आने वाले समय में बिहार सिर्फ AI का उपयोग करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि AI आधारित सुशासन का ऐसा मॉडल बन सकता है, जिससे दूसरे राज्य भी सीख ले सकें।
मुख्यमंत्री बोले- विकसित बिहार की दिशा में बड़ा कदम
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि यह समझौता डिजिटल बिहार और विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम है। बिहार की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी AI मॉडल तैयार होगा। सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा। राज्य में AI कौशल विकास, क्षमता निर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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