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Patna : बिहार सरकार के रोजगार मेले से जुड़ी एक खबर पर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सीएम सम्राट चौधरी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाली एक युवती को दिल्ली ले जाकर गलत काम में धकेला गया। इस मामले के तूल पकड़ते ही बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने इस पूरी खबर को सिरे से खारिज करते हुए इसे तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। खुद पीड़िता ने भी सामने आकर साफ किया है कि उसकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और उसने कभी भी ऐसे आरोप नहीं लगाए थे।
अभ्यर्थी बोली- मेरी परेशानी काम के घंटों और रहने की व्यवस्था को लेकर थी
विवाद गहराने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जब संबंधित महिला अभ्यर्थी से संपर्क किया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। विभाग का दावा है कि महिला अपने पति के साथ अधिकारियों के समक्ष पेश हुई और अपना लिखित बयान दर्ज कराया। उसने बताया कि छपी हुई खबर से उसे गहरा धक्का लगा है और समाज में उसकी बदनामी हुई है। महिला ने साफ लफ्जों में कहा कि रिपोर्टर से उसकी बातचीत जरूर हुई थी, लेकिन उसकी बातों का गलत मतलब निकाला गया। उसकी परेशानी केवल इतनी थी कि कंपनी उससे तय समय से ज्यादा काम करा रही थी और दिल्ली में रहने-ठहरने का ठीक इंतजाम नहीं था। उसने किसी भी तरह के यौन शोषण या गलत दलदल में धकेले जाने की बात से साफ इनकार किया है।
CM सम्राट चौधरी द्वारा दिये गये जॉइनिंग लेटर लेकर कालगर्ल बनाने की छपी खबर पर बिहार सरकार का खंडन। खुद अभ्यर्थी ने सामने आकर कहा कि उसकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया#BiharNews #RojgarMela #SamratChoudhary #NewsSamvad #TrendingNews #LatestNews #PatnaNews #BiharGovernment pic.twitter.com/xB6vrSzsDh
— News Samvad (@newssamvaad) September 9, 2026
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त के बीच आयोजित रोजगार मेले से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार ने युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए इस भव्य मेले का आयोजन किया था। तय सरकारी नियमों के तहत विभिन्न कंपनियों ने उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए और उन्हें चुना। इसी प्रक्रिया के तहत हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने उक्त महिला का चयन आईसीयू नर्स यानी जीएनएम के पद पर किया था। इसके बाद उसे काम के सिलसिले में दिल्ली भेजा गया था, जहां काम के दबाव और सुविधाओं को लेकर उसका कंपनी से विवाद हुआ।
विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच जारी, होगी सख्त कार्रवाई
महिला अभ्यर्थी के बयान के बाद श्रम संसाधन और रोजगार विभाग ने पूरे मामले की तहकीकात तेज कर दी है। विभाग का कहना है कि प्राथमिक जांच में खबर पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत नजर आती है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनी और अभ्यर्थी के बीच हुए करार, नियुक्ति पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच चल रही है। अगर कंपनी के स्तर पर काम के घंटों या कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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