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Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है। इसके लिए चल रहा सहयोग कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो रहा है, जिससे सरकार के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। अब इस भरोसे को बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों के निपटारे में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सीएम सम्राट चौधरी मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में आयोजित कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों से आए 137 आवेदकों ने अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक मामले को सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा जिलाधिकारियों को समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।
जटिल मामला है तो पटना आएं, हर शिकायत के लिए आने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आवेदन करने वाले जिन लोगों की समस्या का समाधान जिला स्तर पर हो चुका है, उन्हें पटना आने की जरूरत नहीं है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। लेकिन जिनकी समस्या जटिल है और जिला स्तर पर उसका समाधान नहीं हो पा रहा है, वे राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में अपनी शिकायत लेकर पटना आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद यही है कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिला स्तर पर ही ज्यादातर मामलों का समाधान हो जाए। जो मामले वहां नहीं सुलझ रहे हैं, उन्हें राज्य स्तर पर सुना जाए और उचित फैसला लिया जाए।

पेंशन और राशन कार्ड के पात्र लोगों को जल्द मिले लाभ
कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और समाज कल्याण विभाग से जुड़े कई मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदकों की समस्याओं का तय समय में समाधान किया जाए। सीएम सम्राट चौधरी ने खास तौर पर वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड के मामलों को लेकर अधिकारियों को तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हैं, उन्हें जल्द इसका लाभ मिलना चाहिए। किसी तकनीकी वजह से पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सहयोग शिविर के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिन के अंदर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए हर आवेदन को गंभीरता से लिया जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा। सिर्फ कागज पर शिकायत का निपटारा नहीं होना चाहिए, बल्कि समस्या वास्तव में दूर हो और आवेदक भी संतुष्ट हो, यह सुनिश्चित करना होगा।

137 लोगों की शिकायतों पर हुई सुनवाई
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में मंगलवार को कुल 137 आवेदक उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने उनके मामलों की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन आवेदकों की समस्याओं का समाधान हुआ, उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की। लोगों ने कहा कि इस व्यवस्था से उनकी शिकायतें जल्दी अधिकारियों तक पहुंच रही हैं और समाधान भी हो रहा है। सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी आवेदन के निपटारे में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के जरिए लोगों का जो भरोसा बना है, उसे किसी भी हालत में टूटने नहीं देना है।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।
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