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Patna : बिहार के जिला अस्पतालों में अब मरीजों को सामान्य से लेकर जटिल बीमारियों के ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवादा, किशनगंज, औरंगाबाद, बक्सर, गोपालगंज और जमुई के सदर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं और सर्जरी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जनों को साफ शब्दों में हिदायत दी कि अस्पतालों में केवल सर्जरी का आंकड़ा बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि अलग-अलग तरह के जटिल ऑपरेशन भी शुरू करने होंगे। बैठक में बीएमएसआईसीएल के एमडी सुब्रत कुमार सेन और राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डॉक्टरों को सिर्फ ओपीडी में न बैठाएं, ओटी में भी भेजें
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ज्यादातर सदर अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के ऑपरेशन ही सबसे ज्यादा हो रहे हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को केवल ओपीडी में पर्ची बनाने तक सीमित न रखा जाए। उनसे उनकी स्पेशियलिटी के मुताबिक जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, आंख और अन्य गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन भी कराए जाएं। जिला स्तर पर उपलब्ध ऑपरेशन थिएटर और संसाधनों का पूरा उपयोग होना चाहिए, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिले और उन्हें बेवजह दूसरे अस्पतालों में रेफर करने से रोका जा सके।
अगस्त 2026 के आंकड़ों को देखें तो नवादा सदर अस्पताल में 7 प्रकार की कुल 224 सर्जरी हुईं। वहीं बक्सर में 7 प्रकार की 80, गोपालगंज में 6 प्रकार की 80, जमुई में 4 प्रकार की 89, किशनगंज में 4 प्रकार की 63 और औरंगाबाद में 5 प्रकार की केवल 38 सर्जरी दर्ज की गईं। सचिव ने औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी में आई गिरावट पर कड़ी नाराजगी जताई और व्यवस्था में फौरन सुधार लाने को कहा।
राज्य भर में तीन महीने में तीन गुना से ज्यादा बढ़े ऑपरेशन
समीक्षा के दौरान राज्य भर के जिला अस्पतालों की प्रगति रिपोर्ट भी सामने रखी गई। स्वास्थ्य विभाग के लगातार प्रयासों के कारण जून से अगस्त 2026 के बीच पूरे प्रदेश में सर्जरी की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जून में जहां जिला अस्पतालों में कुल 2,428 सर्जरी हुई थीं, वहीं जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 पर पहुंच गया। अकेले जुलाई से अगस्त के बीच इसमें 45.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अगस्त के महीने में वैशाली जिला अस्पताल 651 सर्जरी के साथ अव्वल रहा। इसके बाद पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी की गईं।
ईएनटी और हड्डी के जटिल ऑपरेशन में भारी उछाल
अस्पतालों में न सिर्फ सर्जरी की तादाद बढ़ी है, बल्कि मरीजों को अब कई तरह के ऑपरेशन की सुविधा भी मिल रही है। अगस्त महीने में बेगूसराय जिला अस्पताल में 60 अलग-अलग तरह की सर्जरी की गईं। इसी तरह पटना में 53, नालंदा में 42, भोजपुर में 40 और मुजफ्फरपुर में 33 किस्म के ऑपरेशन किए गए।
विशेषज्ञ विभागों की बात करें तो जुलाई की तुलना में अगस्त में ईएनटी सर्जरी में 471.7 प्रतिशत, हड्डी रोग यानी ऑर्थोपेडिक्स सर्जरी में 296.2 प्रतिशत, आंखों के ऑपरेशन में 174.3 प्रतिशत और जनरल सर्जरी में 66.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलों को इसी तर्ज पर टीम बनाकर काम करने और जिला अस्पतालों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने को कहा है।
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