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Patna : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनहित के अभियानों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग और जिला प्रशासन आपसी तालमेल बैठाकर तय समय सीमा के भीतर अपनी सारी तैयारियां पूरी कर लें। वे 17 सितंबर से शुरू होने वाले महीने भर के ‘सेवा संकल्प अभियान’ और इसके साथ चलने वाले कायाकल्प कार्यक्रम की समीक्षा के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्य के तमाम विभागों के प्रधान सचिव और सचिव व्यक्तिगत तौर पर शामिल हुए, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
मुख्य सचिव ने परखा 13 कार्यक्रमों का खाका, दीये जलाने से होगी शुरुआत
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान अभियान से जुड़े सभी 13 प्रमुख कार्यक्रमों की विभागवार स्थिति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को जमीन पर उतरकर काम करने और आम जनता को सीधे जोड़ने के निर्देश दिए। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर होगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जीविका दीदियों, राशन दुकानों और नगर निकायों के जरिए हर घर तक मिट्टी के दीये पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही हर जिले के 10 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी रोशनी की जाएगी।
स्कूली बच्चों और अभिभावकों को जोड़ने के लिए स्कूलों में ‘विकसित भारत’ थीम पर भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी, जिसके साथ पैरेंट-टीचर मीटिंग भी रखी जाएगी। लोगों को जागरूक करने के लिए 18 से 20 नुक्कड़ नाटक मंडलियां बनाई जाएंगी, जो गांवों और कस्बों में घूम-घूमकर सरकारी योजनाओं पर नाटक प्रस्तुत करेंगी। 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती पर इनका विशेष शो रखा जाएगा। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिन का विशेष आयोजन कर आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा।
ब्लॉक स्तर पर ‘सरकार आपके द्वार’, जनता को मौके पर ही मिलेगा योजनाओं का लाभ
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का फायदा सीधे और बिना रुकावट के लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे, जहां केंद्र और राज्य की 26 मुख्य योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में युवाओं को जोड़ने के लिए साइकिल व बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। राष्ट्रीय स्तर पर निकलने वाली ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ जब बिहार से गुजरेगी, तो उसके स्वागत, सुरक्षा और ठहरने के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश भी उन्होंने दिए हैं। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में छठ घाटों और तालाबों की सफाई के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाएगा, ताकि बदलाव साफ तौर पर जमीन पर नजर आए।
दिवाली से पहले रंग-रोगन और नवंबर तक मरम्मत पूरी करने की सख्त समय सीमा
बैठक में मुख्य सचिव ने साफ किया कि मुख्य अभियान के साथ-साथ मार्च 2027 तक चलने वाले ‘कायाकल्प अभियान’ पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और नगर विकास जैसे विभागों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी सरकारी भवनों का रंग-रोगन हर हाल में दिवाली से पहले पूरा होना चाहिए। इसके अलावा भवनों और दफ्तरों में जो भी टूट-फूट या मरम्मत का काम है, उसे 30 नवंबर तक खत्म कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने यह भी सख्त हिदायत दी कि जितने भी नए निर्माण कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, उन्हें मार्च 2027 तक किसी भी कीमत पर पूरा कर लिया जाए, ताकि आम लोगों को उनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
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