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Patna : बिहार में खेल और खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खेल अवसंरचना के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, कोचिंग तथा संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। शनिवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही खेल परियोजनाओं और खिलाड़ियों के लिए बनाई गई योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
खिलाड़ियों को मिलेगा हर संभव सहयोग
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ सम्मानित ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में चल रही ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि युवा खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित हों।

राजगीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस साल के अंत तक होगा तैयार
बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम बिहार के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा और इससे राज्य में बड़े क्रिकेट आयोजनों का रास्ता खुलेगा।
डुमरी खेल परिसर में बनेंगे अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना के डुमरी खेल परिसर को एक बड़े खेल हब के रूप में विकसित किया जाए। यहां विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को एक ही परिसर में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
गांवों तक पहुंच रहा खेल का मैदान
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य की 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 पंचायतों में कुल 5266 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष खेल मैदानों का निर्माण जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर खेल मैदानों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से VB-G RAM G योजना के माध्यम से भी खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।
मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोइन-उल-हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए BCCI और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि बड़े खेल आयोजनों के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
खेल विश्वविद्यालय में रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों पर रहेगा फोकस
सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया, जिनसे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
जिला और प्रखंड स्तर पर बढ़ेंगी सुविधाएं
सीएम सम्राट चौधरी ने जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं और प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही इनके संचालन और रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा।
पंचायत स्तर पर होंगे खेल उत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए पंचायत स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताएं और खेल उत्सव आयोजित किए जाएं। पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय लोगों को जोड़कर खेल संस्कृति को मजबूत किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण, कोचिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बिहार के खिलाड़ी देश और दुनिया में राज्य का नाम रोशन कर सकें।
बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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