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Jamui: बिहार का जमुई जिला अब तेजी से बदलती तस्वीर के साथ सामने आ रहा है। कभी नक्सलवाद की वजह से चर्चा में रहने वाला यह इलाका अब विकास, पर्यटन और उद्योग के नए रास्ते पर बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और निवेशकों की नजर में जमुई अब बिहार का चमकता सितारा बनने की ओर है।
‘अद्भुत जमुई’ कार्यक्रम में दिखी नई सोच
जमुई जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से ‘अद्भुत जमुई: पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों, अधिकारियों और निवेशकों ने साफ कहा कि अब जमुई पुरानी छवि छोड़कर एक विकसित औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्राकृतिक खूबसूरती और पर्यटन की बड़ी संभावना
बीआईए के सदस्य सुनील सिंह ने जमुई को प्राकृतिक संपदा से भरपूर बताया। उनके अनुसार यहां हेरिटेज, गांव आधारित और एडवेंचर टूरिज्म की जबरदस्त संभावनाएं हैं। 70 के दशक में जिसे ‘स्लीपिंग टाउन’ कहा जाता था, वही जमुई अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने को तैयार है।
उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे बनाने और पर्यटन स्थलों पर जरूरी संकेतक लगाने की जरूरत बताई। साथ ही स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने और होम-स्टे योजना का फायदा उठाने की बात कही, जिससे गांव के लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
नक्सलवाद खत्म, सुरक्षा माहौल बेहतर
जिलाधिकारी नवीन ने साफ कहा कि जमुई अब पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में दुर्गम इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान और 31 मार्च 2026 को केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा इस बदलाव का सबूत है।
उनका कहना है कि अब विकास की रफ्तार तेज होगी और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
सिमुलतला में बनेगा वेलनेस सेंटर
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना है। इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि जमुई को एक शांत, स्वास्थ्य और प्रकृति आधारित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
7100 करोड़ के निवेश से बदलेगा औद्योगिक नक्शा
बीआईए के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की योजना तैयार हो चुकी है। कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है और बाकी भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सरकार अब निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है और जमुई में उद्योग लगाने के लिए पूरी तैयारी है।
स्थानीय लोगों की भूमिका सबसे अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थानीय समुदाय को साथ लेकर काम किया जाए तो जमुई तेजी से आगे बढ़ सकता है। रोजगार, पर्यटन और छोटे उद्योगों के जरिए यहां के युवाओं को अपने ही जिले में अवसर मिल सकते हैं।
अब ‘बिहार का कोहिनूर’ बनने की तैयारी
जिलाधिकारी नवीन ने जमुई को ‘ईश्वर निर्मित उपवन’ और ‘बिहार का कोहिनूर’ बताते हुए इसे संवारने की प्रतिबद्धता जताई। उनका कहना है कि प्रशासन, निवेशक और आम लोग मिलकर काम करें तो जमुई आने वाले समय में राज्य ही नहीं, देश के प्रमुख जिलों में गिना जाएगा।
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