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Home » BR Gavai होंगे भारत के नये CJI, महज छह महीने का होगा कार्यकाल
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BR Gavai होंगे भारत के नये CJI, महज छह महीने का होगा कार्यकाल

April 16, 2025No Comments2 Mins Read
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News Samvad : भारत के अगले CJI यानी मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) के लिए न्यायमूर्ति भूषण आर गवई के नाम की सिफारिश की गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने यह सिफारिश विधि मंत्रालय को भेज दी है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की ओर से यह प्रस्ताव भेजा गया है। जस्टिस खन्ना आगामी 13 मई को रिटायर होने वाले हैं। परंपरा के अनुसार, वर्तमान CJI अपने उत्तराधिकारी के रूप में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गवई वरिष्ठता के क्रम में सबसे आगे हैं, जिसके चलते उनके नाम की सिफारिश की गई है।

बता दें कि इससे पहले कानून मंत्रालय ने CJI जस्टिस खन्ना से उनके उत्तराधिकारी का नाम देने की आधिकारिक अपील की थी। जस्टिस गवई के नाम पर अगर मुहर लगती है तो वे देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। वे 14 मई को CJI पद की शपथ ले सकते हैं। जस्टिस गवई का कार्यकाल हालांकि छह महीने का ही होगा क्योंकि वे नवंबर 2025 में रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस गवई को 24 मई 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था।

पिता थे बिहार और केरल के गवर्नर

जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। जस्टिस गवई के पिता दिवंगत आरएस गवई भी एक मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल रहे। जस्टिस गवई ने अपने वकालत करियर की शुरुआत साल 2003 में बॉम्बे उच्च न्यायालय में बतौर एडिश्नल जज की थी। इसके बाद साल 2005 में वे स्थायी जज नियुक्त हुए। जस्टिस गवई ने 15 वर्षों तक मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और पणजी की पीठ में अपनी सेवाएं दीं।जस्टिस गवई के नाम पर अगर मुहर लगती है तो वे देश के दूसरे अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन साल 2010 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। जस्टिस बीआर गवई साल 2016 में नोटबंदी को लेकर दिए गए फैसले का हिस्सा रहे। जिसमें कहा गया था कि सरकार को करेंसी को अवैध घोषित करने का अधिकार है। इसके अलावा जस्टिस गवई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दिए आदेश का भी हिस्सा रहे और इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर फैसला देने वाली पीठ का भी हिस्सा रहे।

इसे भी पढ़ें : चाईबासा में सात शक्तिशाली IED मिले, 11 नक्सल बंकर तहस-नहस

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