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Ranchi : दुकान के शटर तो रोज सुबह उठ जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई व्यापारियों के दिलों पर एक अदृश्य डर भी साथ उठ रहा था। मोबाइल पर अनजान नंबर से आती धमकी भरी कॉल, व्हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज और रंगदारी की मांग ने कारोबारियों की नींद उड़ा दी थी। इसी बेचैनी के बीच चैम्बर भवन में पुलिस और व्यापारियों की आमने-सामने बैठक हुई, जहां सिर्फ कानून-व्यवस्था पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि भरोसे को फिर से मजबूत करने की कोशिश भी दिखी।
“फोन बजता है तो दिल धड़कता है”
बैठक में मौजूद एक व्यापारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, “अब अगर कोई अनजान नंबर से फोन आता है तो पहले दिल धड़कता है, फिर कॉल उठाते हैं।” यह डर सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि शहर के कई कारोबारियों का है।
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं व्यापारियों के मन में असुरक्षा का भाव पैदा करती हैं। उन्होंने पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए यह भी कहा कि अपराधियों को यह साफ संदेश जाना चाहिए कि झारखंड में अपराध बर्दाश्त नहीं होगा। पेट्रोलिंग बढ़ाने, नए थाने खोलने, अतिरिक्त बल की तैनाती और खुफिया तंत्र को मजबूत करने की मांग भी उठी।
एसपी का भरोसा : “डरिए मत, बताइए जरूर”
सिटी एसपी पारस राणा ने बैठक में मौजूद व्यापारियों की बात ध्यान से सुनी। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए दी जा रही धमकियों की जांच गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने अपील की, “अगर किसी को धमकी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। डरकर चुप रहना समाधान नहीं है।” उन्होंने 112 सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पीसीआर एक मिनट के भीतर सहायता के लिए पहुंचेगी। साथ ही दुकानों पर सीसीटीवी, खासकर मोशन सेंसर कैमरे और अलार्म सिस्टम लगाने की सलाह दी गई। हाई-रिस्क व्यापारियों को इसे अनिवार्य रूप से अपनाने का आग्रह किया गया।
थाना स्तर पर भरोसे की जरूरत
पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि जिला स्तर पर अधिकारी सक्रिय हैं, लेकिन असली भरोसा थाना स्तर पर बनता है। अगर आम नागरिक बिना झिझक थाने जाकर अपनी बात रख सके, तभी व्यवस्था मजबूत मानी जाएगी। पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने शहर में सक्रिय अवैध कब्जा गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि जब तक अपराधियों को सजा नहीं मिलेगी, उनका मनोबल कम नहीं होगा।
मंडी से लेकर बाजार तक की चिंता
रांची चैम्बर अध्यक्ष संजय माहुरी ने पंडरा कृषि मंडी में असामाजिक तत्वों की अड्डेबाजी पर चिंता जताई। सह सचिव रोहित पोद्दार ने सुझाव दिया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले तीन पहिया मालवाहक वाहनों को नो-एंट्री के समय में राहत दी जाए, ताकि रोजमर्रा की सप्लाई प्रभावित न हो। उन्होंने पुलिस-व्यापारी समन्वय समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा, जिससे हर तीन महीने में हाई-रिस्क व्यापारियों के साथ बैठक हो सके। सिटी एसपी ने इन सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाया।
संवाद से बनेगा सुरक्षित माहौल
लॉ एंड ऑर्डर उप-समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी सिर्फ मुनाफे की नहीं, सुरक्षित माहौल की भी उम्मीद रखते हैं। पुलिस की कोशिशें सराहनीय हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई जरूरी है। बैठक के अंत में चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने सिटी एसपी को ज्ञापन सौंपा। तय हुआ कि सभी सुझावों को संकलित कर औपचारिक रूप से पुलिस प्रशासन को भेजा जाएगा। चैम्बर भवन से निकलते वक्त कई व्यापारियों के चेहरे पर हल्की राहत दिखी। डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह भरोसा जरूर जगा है कि संवाद जारी रहेगा।
ये रहे मौजूद
बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, कार्यकारिणी सदस्य मनीष सराफ, आस्था किरण, अनीश बुधिया, उप समिति चेयरमैन साहित्य पवन, निधि झुनझुनवाला, श्रवण कुमार, किशन अग्रवाल, तेजविंदर सिंह, परमिंदर सिंह बग्गा, प्रकाश हेतमसरिया, बिजेंद्र प्रसाद, विजय महतो, राजीव चौधरी, राकेश कुमार, राजेश पोद्दार समेत अन्य काफी सदस्य उपस्थित थे।
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