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Ranchi : CEO यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पिछले गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची अब भारत निर्वाचन आयोग और राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध है। इससे लोग अपने और अपने परिजनों का नाम आसानी से खोज सकते हैं।
अन्य राज्यों से आए मतदाताओं से सहयोग की अपील
उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता जिनका नाम पहले दूसरे राज्यों की सूची में था और अब झारखंड में रहते हैं, वे अपने संबंधित राज्य की पुरानी मतदाता सूची से नाम खोजें और अपने बीएलओ से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर वे 1950 पर कॉल कर मदद भी ले सकते हैं।
बीएलओ ऐप में मैपिंग का काम जारी
सीईओ ने बताया कि पुराने पुनरीक्षण की सूची को वर्तमान मतदाता सूची से जोड़ने का काम बीएलओ ऐप में चल रहा है। जो मतदाता दूसरे राज्यों से आए हैं, उनकी जानकारी मैनुअल रजिस्टर में भी दर्ज की जा रही है ताकि पुनरीक्षण के समय किसी को परेशानी न हो।
एक भी योग्य मतदाता न छूटे
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी भी योग्य मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए। पैरेंटल मैपिंग और एएसडी सूची तैयार करने में आयोग के सभी नियमों का पालन करना जरूरी है।
अधिकारियों को पीपीटी के जरिए प्रशिक्षण
बैठक में के. रवि कुमार ने पीपीटी के माध्यम से मैपिंग प्रक्रिया, निरीक्षण के बिंदुओं और सभी जरूरी दिशानिर्देशों पर अधिकारियों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इस दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, प्रियंका सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार और सभी जिलों के अधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे।
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