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Ranchi : अगस्त की वह रात कई छात्रों के लिए किसी बुरे सपने जैसी थी। ई-कल्याण पोर्टल पर scholarship के लिए भर रहे फॉर्म अचानक गायब हो गए। स्क्रीन पर सिर्फ एक ठंडी सी लाइन उभरकर आ रही थी… Email ID already exists या UID already exists। जिसने महीनों तैयारी की थी, जो दस्तावेज जुटाने के लिए गांव से शहर तक कई चक्कर लगा चुका था, उसका पूरा आवेदन एक झटके में डिलीट हो गया। नवादा से लेकर साहेबगंज और चाईबासा तक, कई घरों में उस रात एक ही चिंता थी… “अब आगे क्या होगा?”
तस्वीर किसी एक छात्र की नहीं थी। हजारों छात्रों की उम्मीदें उसी पोर्टल की गड़बड़ी में फंस गई थीं, जो उनकी पढ़ाई का सहारा बनना था।
संघर्ष की शुरुआत
इन्हीं दिनों छात्रहित सर्वोपरी मंच को छात्रों के लगातार फोन आने लगे। कोई रोते हुए बता रहा था कि उसकी पूरी फीस इसी scholarship पर निर्भर है, कोई कह रहा था कि आवेदन डिलीट होने से वह कॉलेज छोड़ने की सोच रहा है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार राणा ने बताया कि हालात इतने गंभीर थे कि हर घंटे नए छात्र सहायता मांग रहे थे। संगठन ने तुरंत मामले को सामने लाने का फैसला किया। 18 सितंबर 2025 को प्रतिनिधिमंडल कल्याण सचिव और आयुक्त से मिला। छात्रों की ओर से सिर्फ एक मांग थी… जो खो गया है, उसे वापस किया जाए।
दूसरी मुलाकात और बढ़ती उम्मीद
लेकिन सिस्टम की गड़बड़ी कोई साधारण मामला नहीं था। मंच ने हार नहीं मानी। 6 नवंबर 2025 को फिर से अधिकारी बैठक में पहुंचे। इस बार छात्रों के डॉक्यूमेंट्स, स्क्रीनशॉट, त्रुटियों की कॉपी सबके साथ। इस मुलाकात ने फर्क डाला। विभाग ने उसी दिन तकनीकी जांच शुरू की। छात्रों में उम्मीद की छोटी लेकिन मजबूत लौ फिर जल उठी।

अंत में मिली राहत
लगातार फॉलो-अप, फोन कॉल, मेल और दबाव के बाद आखिरकार वह दिन आया जिसका छात्र इंतजार कर रहे थे। विभाग ने उन सभी छात्रों का डेटा दोबारा बहाल कर दिया जिनके आवेदन 18–19 अगस्त को पोर्टल की खराबी की वजह से मिट गए थे। कई छात्रों ने मंच को फोन कर सिर्फ इतना कहा… “सर, फॉर्म वापस दिख रहा है… अब मेरी पढ़ाई नहीं रुकेगी।”
नई तिथियों से मिली राहत
सरकार ने प्रभावित छात्रों के लिए सत्यापन की नई तारीखें भी जारी कर दीं-
- आईएनओ सत्यापन : 30 दिसंबर 2025
- डीएनओ सत्यापन : 31 दिसंबर 2025
यह बढ़ी हुई तारीखें उन परिवारों के लिए बड़ी राहत हैं जिनके बच्चे इस गड़बड़ी के चलते लगभग हार मान चुके थे।
मंच ने कहा- धन्यवाद
छात्रहित सर्वोपरी मंच ने कल्याण सचिव, कल्याण आयुक्त और पूरे विभाग को धन्यवाद कहा है। संगठन के प्रमुख प्रतिनिधि राहुल कुमार राणा, आमिर हमजा, कुणाल पोद्दार और रईस अंसारी ने कहा कि यह जीत छात्रों की थी, और मंच सिर्फ उनकी आवाज बनकर खड़ा रहा। मंच का संकल्प साफ है… जहां भी कोई छात्र परेशान मिलेगा, वहां आवाज उठेगी। जहां समस्या होगी, वहां समाधान के लिए संघर्ष होगा।
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