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Mokama : मोकामा विधानसभा सीट के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या कांड में शनिवार को बड़ी कानूनी झटका लगा। पटना की सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके वकील ने कहा है कि वे अब इसकी चुनौती उच्च न्यायालय में देंगे। अनंत सिंह शुरू से ही दावा कर रहे हैं कि उन्हें एक राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में फँसाया गया है।
यह पूरा मामला 29 अक्टूबर का है, जब घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में चुनाव प्रचार के दौरान दो राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था। आरोप है कि इसी दौरान राजद नेता और जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के अगले ही दिन अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर इस विवाद और हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद 1 नवंबर की रात पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया और 2 नवंबर को उन्हें अदालत में पेश करने के बाद बेऊर जेल भेज दिया गया।
जमानत याचिका में अनंत सिंह ने कहा कि उनका इस हत्या से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि गंभीर चोटों के कारण हुई है। उनके अनुसार यह रिपोर्ट आरोपों की बुनियाद को ही कमजोर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच हुआ विवाद सिर्फ एक साधारण बहस थी, जिसमें किसी हिंसक योजना की कोई बात नहीं थी।
इसके अलावा अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने गिरफ्तारी के बाद जांच में पूरा सहयोग किया है और उनके पास से कोई हथियार या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
रफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह का जनाधार कम नहीं हुआ। मोकामा सीट पर उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। 2005 से लगातार पाँच बार विधायक रह चुके अनंत सिंह के इस चुनावी प्रदर्शन ने एक बार फिर उनके राजनीतिक प्रभाव को साबित किया है।
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