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Ranchi (Tamar) : सुबह का वक्त था। तमाड़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय की सामान्य चहल-पहल चल ही रही थी कि अचानक डीसी मंजूनाथ भजंत्री का काफिला पहुंचा। बिना किसी औपचारिक सूचना के अचानक पहुंचे डीसी को देखकर कर्मचारियों में हलचल मच गई। कुछ लोग फाइलें ठीक करने लगे, तो कुछ अपनी कुर्सियों पर लौटे। डीसी भजंत्री का मकसद किसी को डराना नहीं था, बल्कि प्रशासन की नब्ज़ टटोलना था।
जनता से सीधी बात, ध्यान से सुनी शिकायते
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दफ्तर में मौजूद लोगों से बातचीत की। कोई वृद्ध पेंशन में देरी की बात कर रहा था, तो कोई भूमि विवाद के हल की उम्मीद लिए आया था। डीसी भजंत्री हर शख्स की बात ध्यान से सुन रहे थे। उन्होंने अधिकारियों की ओर देखकर कहा कि ये लोग किसी सिफारिश से नहीं, अपने हक से यहां आए हैं। इन्हें न्याय और सेवा मिले, यही हमारी जिम्मेदारी है।
समयपालन और अनुशासन सर्वोपरि
डीसी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी दफ्तर जनता की उम्मीदों के दरवाजे होते हैं, यहां अनुशासन और समयपालन सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कार्यालय में बिचौलियों की भूमिका नहीं चलेगी। डीसी ने साफ कहा कि लोगों को अपना काम कराने के लिए किसी बिचौलिये के पास जाने की जरूरत नहीं है। अगर कोई ऐसा पाए गए, तो सीधी कार्रवाई होगी।
भूमि और योजनाओं पर फोकस, अबुआ आवास पर खास नजर
डीसी भजंत्री ने जमीन से जुड़े मामलों की फाइलें खुद देखी। कई पुराने केसों पर उन्होंने अफसरों से सवाल भी किए और कहा कि लंबित मामलों को तुरंत सुलझाया जाए ताकि लोग बार-बार चक्कर न लगाएं। अबुआ आवास योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि हर बेघर को छत मिले। जो लाभुक योग्य हैं, उन्हें एक दिन की भी देरी न हो।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर चिंता
डीसी ने वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सिर्फ सरकारी फाइल का काम नहीं, यह सामाजिक न्याय का सवाल है। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित है तो उसकी पहचान तुरंत की जाए और सहायता दी जाए।
कार्यालय की साफ-सफाई पर भी सख्त निर्देश
कार्यालय परिसर का मुआयना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सरकारी दफ्तर जनता के लिए आदर्श स्थान होने चाहिए, न कि अव्यवस्था के प्रतीक। उन्होंने तमाड़ कार्यालय में सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि आने वाला हर व्यक्ति साफ और सम्मानजनक वातावरण महसूस करे।
हाईवे निर्माण भूमि का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को झारखंड हाई कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी मंजूनाथ भजंत्री का यह औचक निरीक्षण सिर्फ व्यवस्था जांचने का औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। यह जनता को यह संदेश देने का प्रयास था कि प्रशासन अब सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेगा। उनके शब्दों में, “जब जनता संतुष्ट होती है, तभी शासन सफल होता है।”
ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान एसडीओ किस्टो बेसरा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी केके राजहंस, उप समाहर्ता भूमि सुधार छवि बाला बारला, बुंडू सीओ हंस हेमरोम, तमाड़ी बीडीओ सावित्री कुमारी, सीओ समरेश भंडारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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