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Pakur (Jaydev Kumar) : नवरात्र का छठा दिन… सुबह से ही सरस्वती पुस्तकालय परिसर के बाहर भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। हर कोई इंतज़ार कर रहा था उस पल का जब मां अम्बे का पट खुलेगा और उनकी प्रतिमा के दर्शन होंगे। जैसे ही पट खोला गया, पूरा माहौल “जय माता दी” के जयकारे से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर किसी के चेहरे पर आस्था की चमक और आँखों में भक्ति की ज्योति साफ़ झलक रही थी।
पूजा सिर्फ अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का उत्सव : डीसी
पट खोलने का कारम डीसी मनीष कुमार, उपविकास आयुक्त, एसडीओ साईमन मरांडी और पूजा समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। जैसे ही मां की झलक मिली, श्रद्धालु हाथ जोड़कर नतमस्तक हो गए। कई लोगों की आंखें भीग गईं, तो कोई घंटों की तपस्या पूरी होने जैसा संतोष महसूस कर रहा था। डीसी मनीष कुमार ने इस अवसर पर जिलेवासियों को नवरात्र की बधाई दी और कहा… “पूजा सिर्फ अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का एक उत्सव है।” पुराने सदस्यों को चुनरी पहनाकर सम्मानित किया गया।

शहर में हर गली-चौराहे पर सजी भक्ति
सिर्फ सरस्वती पुस्तकालय ही नहीं, बल्कि पूरे पाकुड़ शहर की गलियाँ इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हैं। शहरकोल से लेकर बेलतल्ला, राजापाड़ा, कालीतल्ला, तातीपाड़ा, रेलवे स्टेशन, बैंक कॉलोनी, बड़ी अलीगंज तक हर मोहल्ले में माँ दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित हैं। शाम होते ही पंडालों में रोशनी जगमगाने लगती है, ढोल-नगाड़े की थाप पर बच्चे नाचते हैं और महिलाएँ मंगलगीत गाती हैं। कहीं भोग का प्रसाद बंट रहा है, तो कहीं श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं।

आस्था के साथ-साथ सुरक्षा का भी ध्यान
इस भीड़ और उल्लास को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। हर पंडाल पर महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी खुद भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा ले रहे हैं।

त्योहार से बढ़ा अपनापन
नवरात्र का यह पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। गली-मोहल्लों के पंडालों में लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, रिश्ते मज़बूत होते हैं। जिन परिवारों में सालभर मुलाक़ात नहीं हो पाती, वे भी पंडालों में साथ बैठकर प्रसाद खाते दिखाई देते हैं।
पाकुड़ में शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। डीसी मनीष कुमार और अन्य अधिकारियों ने सरस्वती पुस्तकालय परिसर में पूजा पंडाल का पट खोला। शहरभर में भव्य पंडाल सजे, सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की गई। pic.twitter.com/Ji3wirvyKJ
— News Samvad (@newssamvaad) September 28, 2025
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