अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : रांची की सुबह की हल्की धूप और ठंडी हवा के बीच ACB की टीम ने 28 सितंबर को एक ऐसा अभियान शुरू किया, जिसने पूरे शहर में हलचल मचा दी। घड़ी ने भोर के 6:15 बजे का समय दिखाया ही था कि शराब घोटाले के अहम कड़ी विनय कुमार सिंह के चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू हो गई। यह कोई आम छापेमारी नहीं थी। यह उस जटिल नेटवर्क तक पहुँचने की कोशिश थी, जिसने झारखंड के शराब कारोबार में गहरी पैठ बनाई थी और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के तार इसके पीछे छिपे थे।
चार ठिकानों पर शिकंजा
ACB की टीम ने सबसे पहले अन्नतपुर, चुटिया स्थित थर्ड स्ट्रीट में छापेमारी की। इसके बाद क्रमशः डिबडीह स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड (टाटा मोटर्स शोरूम) और नेक्सजेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में कार्रवाई की। अंतिम पड़ाव था लालपुर, पीस रोड का अपार्टमेंट। टीम ने सुबह से शाम तक लगातार 12 घंटे अभियान चलाया, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ और कानूनी अधिकारी भी मौजूद थे। ACB अधिकारियों ने बताया कि इस समय-सीमा में सटीक योजना के तहत हर ठिकाने पर कार्रवाई की गई ताकि कोई भी सबूत छिप न सके।
अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद
छापेमारी के दौरान 198 फाइलें, 27 CPU, एक लैपटॉप, चार जमीन के डीड और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज और डिजिटल उपकरण शराब घोटाले की जटिल गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे। ACB सूत्रों का कहना है कि बरामद सामग्री से यह पता चल सकता है कि यह घोटाला केवल विनय सिंह तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई और लोग भी जुड़े हैं।
आगे हो सकते हैं चौंकाने वाले खुलासे
ACB ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण करने के बाद ही पूरे घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों और ठिकानों का पता लगाया जाएगा। अधिकारी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में विनय सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें : कुख्यात राहुल सिंह का खुला ऐलान- इन तीन शहरों में चलवाई गो’लियां

