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New Delhi : दिल्ली में पिछले हफ्ते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा था। इसी बीच अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में धर्मेंद्र प्रधान का विभाग बदलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन CJP ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया।
बातचीत में रखा गया था मंत्रालय बदलने का प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक, CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गतिरोध खत्म करने की कोशिश की। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं ने सुझाव दिया कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी जाए। सरकार को उम्मीद थी कि इससे विवाद खत्म हो सकता है। लेकिन CJP की ओर से बातचीत कर रहे सौरभ दास और आशुतोष रांका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने साफ कहा कि प्रदर्शनकारी केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इससे कम किसी भी विकल्प पर सहमति नहीं बनेगी।
CJP बोली- इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता
सूत्रों के मुताबिक, CJP का रुख शुरू से ही साफ था। पार्टी का कहना था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ मंत्रालय बदलते हैं और सरकार में बने रहते हैं तो प्रदर्शन का मकसद पूरा नहीं होगा। इसलिए संगठन ने सरकार को साफ संदेश दिया कि प्रदर्शन तभी खत्म होगा जब प्रधान मंत्री पद छोड़ेंगे। बताया गया है कि बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने यह भी कहा कि किसी मंत्री को हटाना या उनका विभाग बदलना प्रधानमंत्री का विशेष अधिकार है। इसके बावजूद CJP अपने रुख से पीछे नहीं हटी।
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी का भी था डर
सूत्रों के अनुसार, CJP की ओर से बातचीत करने वाले नेताओं का मानना था कि अगर वे इस्तीफे से कम किसी समझौते पर राजी हो जाते हैं तो आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के बीच भारी नाराजगी फैल सकती है। इसी वजह से संगठन ने किसी भी वैकल्पिक प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उधर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी उस समय कहा था कि केवल धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदलने से न तो छात्र संतुष्ट होंगे और न ही विपक्ष।
तीसरे दौर की बातचीत से पहले आया बड़ा फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का तीसरा दौर शनिवार को होना था। लेकिन इस बैठक से कुछ घंटे पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि बातचीत के दौरान मंत्रालय बदलने का प्रस्ताव औपचारिक रूप से दिया गया था। यह दावा एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया गया है।
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