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New Delhi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्मी सितारों और मशहूर कलाकारों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो कलाकार जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, उन्हें तंबाकू, गुटखा या शराब जैसे हानिकारक पदार्थों के विज्ञापनों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि समाज में स्टार वही कहलाता है जो चारों तरफ रोशनी फैलाए, न कि लोगों की जिंदगी में अंधेरा भरे। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई बड़े अभिनेताओं के पान मसाला और सरोगेट विज्ञापनों में काम करने को लेकर लगातार बहस छिड़ी हुई है।
मैं यह अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का endorsement न करें। Star वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं। pic.twitter.com/5VPwBxK4Y2
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 22, 2026
युवाओं पर पड़ता है सीधा असर
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज देश की नई पीढ़ी और बच्चे सिनेमा के सितारों को अपना रोल मॉडल मानते हैं। युवा अपने पसंदीदा कलाकारों के कपड़े पहनने के अंदाज से लेकर उनके तौर-तरीकों तक की नकल करते हैं। ऐसे में जब कोई बड़ा चेहरा पर्दे पर किसी हानिकारक चीज को प्रमोट करता है, तो आम जनता और खासकर युवाओं पर इसका गलत असर पड़ता है। उन्होंने कलाकारों से अपील की कि वे अपनी इस लोकप्रियता और ताकत का इस्तेमाल समाज को सही दिशा दिखाने में करें, न कि ऐसे उत्पादों को बढ़ावा देने में जो लोगों की सेहत बिगाड़ते हैं।
जिम्मेदारी से बड़ा कोई स्टारडम नहीं
संबोधन में राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि सच्चा कलाकार वही होता है जिसकी कला और विचार समाज का भला करें। सिर्फ पर्दे पर चमकने से कोई बड़ा नहीं बन जाता, बल्कि असल जिंदगी में आप लोगों के लिए क्या कर रहे हैं, यह बात ज्यादा मायने रखती है। जब किसी हस्ती को लाखों लोग दिल से चाहते हैं, तो उस हस्ती की जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए चंद पैसों के फायदे के लिए ऐसे उत्पादों का प्रचार करना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता, जिससे परिवारों की सेहत और भविष्य पर आंच आए।
विज्ञापनों पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यहां याद दिला दें कि लंबे समय से बॉलीवुड और खेल जगत के कई बड़े चेहरों पर पान मसाला और अन्य नुकसानदेह चीजों के विज्ञापन करने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी फैंस अक्सर इन विज्ञापनों को लेकर अपनी नाराजगी जताते हैं। कुछ अभिनेताओं ने विरोध के बाद इन विज्ञापनों से हाथ पीछे खींच लिए थे और जनता से माफी भी मांगी थी, लेकिन यह चलन पूरी तरह थमा नहीं है। राष्ट्रपति के इस सीधे और स्पष्ट संदेश के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि विज्ञापन इंडस्ट्री और नामी कलाकार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से समझेंगे।
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