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New Delhi : ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी किए हैं। आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सही और भरोसेमंद बनाना है।
नोटिस पाने वाले मतदाताओं को देने होंगे दस्तावेज
ECI ने कहा है कि जिन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किया गया है, उन्हें अपनी पात्रता से जुड़े निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी मैपिंग के प्रमाण भी शामिल हो सकते हैं।
BLO ऐप से अपलोड होंगे कागजात
मतदाताओं द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज बूथ लेवल ऑफिसर ऐप के जरिए अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी इन दस्तावेजों की जांच करेंगे।
पांच दिन में सत्यापन अनिवार्य
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित जारी करने वाले प्राधिकरण से कराया जाएगा। यह प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से होगी और ईसीआईनेट में दस्तावेज मिलने के पांच दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
दूसरे जिले और राज्य के दस्तावेजों की जांच
यदि कोई दस्तावेज उसी राज्य के किसी अन्य जिले से जारी हुआ है, तो उसे ईसीआईनेट के माध्यम से संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा। वहां से सत्यापन के बाद दस्तावेज वापस भेजे जाएंगे।
अगर दस्तावेज किसी दूसरे राज्य के प्राधिकरण से जारी हुआ है, तो उसे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जरिए संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा, ताकि तुरंत जांच हो सके।
अधिकारियों को सख्त अनुपालन के निर्देश
आयोग ने निर्देश दिया है कि यह आदेश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और रोल ऑब्जर्वरों तक पहुंचाया जाए और इसका सख्ती से पालन कराया जाए।
मतदाता सूची को भरोसेमंद बनाने की पहल
ECI का कहना है कि इन निर्देशों से मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी और भविष्य के चुनावों में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका कम होगी।
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