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Ranchi : स्टॉकहोम की सर्द हवाएं दिसंबर की शुरुआती सुबह में हल्की-हल्की थपकियां देती हैं। इसी शहर में, 3 दिसंबर 2025 को, भारत के CEC यानी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक ऐसी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर दुनिया के भरोसे की मिसाल होगी। ज्ञानेश कुमार International IDEA के अध्यक्ष बनेंगे। वह संगठन जो दुनिया भर में चुनावों को और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बेहतर और मजबूत बनाने के मिशन पर काम करता है।
जहां दुनिया चुनौतियां देखती है, भारत वहां समाधान लेकर खड़ा रहता है
वैश्विक स्तर पर आज चुनाव सिर्फ “डालने और गिनने” की प्रक्रिया नहीं रहे। दुष्प्रचार फैलाने वाली मशीनरी, चुनावी हिंसा, सोशल मीडिया पर अफवाहें, मतदाताओं का घटता विश्वास… ये सब दुनिया के लगभग हर देश में चिंता का कारण बने हुए हैं। लेकिन भारत का चुनाव आयोग, अपनी विशाल मशीनरी और अनुभव के साथ, इन चुनौतियों को हर बार नए तरीके से संभालता आया है। ईवीएम हो, वीवीपैट हो, बूथ-स्तर पर प्रशिक्षण से लेकर मतदाता जागरूकता अभियानों तक… भारत ने दुनिया को बार-बार बताया है कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में नहीं, मैदान में भी जीत कर दिखाया जा सकता है। और अब, यही अनुभव इंटरनेशनल IDEA के वैश्विक मंच तक पहुंचेगा।

स्टॉकहोम में गूंजेगी एक दमदार भारतीय आवाज
सर्द मौसम में गर्म चाय की चुस्कियों में डूबी उस बैठक का माहौल अभी से खास माना जा रहा है। क्योंकि पहली बार नहीं, लेकिन एक महत्वपूर्ण समय पर भारत के शीर्ष चुनाव अधिकारी दुनिया के लोकतंत्रों की बैठक की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। यह अध्यक्षता सिर्फ एक औपचारिक मौका नहीं, बल्कि भारत के चुनाव आयोग की वैश्विक पहचान का स्वीकार है। एक ऐसे आयोग की पहचान, जिसने दुनिया के 142 देशों के 3000 से ज्यादा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है। एक ऐसा आयोग, जो न सिर्फ अपने लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चुनाव प्रबंधन की पाठशाला बन चुका है।
IIIDEM : दिल्ली से निकलकर दुनिया तक फैलता लोकतंत्र का पाठ
दिल्ली के पास स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में जब अलग-अलग देशों से आए अधिकारी बैठते हैं, तो उनकी आंखों में एक जैसी जिज्ञासा दिखाई देती है। भारत इतने बड़े चुनाव कैसे कर लेता है? एक अरब मतदाता बिना विवाद, बिना बाधा… कैसे संभव है? और यहां शुरू होती है भारत की असली ताकत की कहानी : अनुभव, योजनाएं, डेटा, तकनीक, और सबसे ज्यादा… लोगों का भरोसा।
अध्यक्ष बनने पर कंधों पर बढ़ेगी एक नई जिम्मेदारी
अध्यक्ष के रूप में वर्ष 2026 में CEC ज्ञानेश कुमार उन बैठकों का नेतृत्व करेंगे जहां दुनिया में होने वाले चुनावों की चुनौतियों पर चर्चा होगी। वे अपने अनुभव से बताएंगे कि कैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने हर नई स्थिति में खुद को बनाया और संभाला। उनका लक्ष्य सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व करना नहीं, बल्कि चुनाव आयोगों के बीच विश्व स्तर पर सहयोग बढ़ाना, प्रशिक्षण को और अधिक आधुनिक बनाना, दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए नई रणनीतियां तैयार करना और दुनिया भर में चुनावों को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाना होगा।
एक संदेश जो भारत से दुनिया तक जाएगा
यह डेप्यूटेशन सिर्फ एक अधिकारी की नियुक्ति की नहीं है। यह नियुक्ति है उस भरोसे की, जो दुनिया अब भारत के चुनाव आयोग पर जताती है। यह नियुक्ति है उस लोकतंत्र की, जो आकार में विशाल है, पर अपने काम में उतना ही अनुशासित भी। यह कहानी है उस आवाज की, जो स्टॉकहोम की बैठक में भारत से उठकर पूरे विश्व के लोकतंत्रों तक पहुंचेगी। और शायद, आने वाले वर्षों में जब दुनिया के किसी छोटे देश के किसी मतदान केंद्र में एक संकट का समाधान मिलेगा, तो उसका एक सूत्र भारत के चुनावी अनुभव से जुड़ा होगा।
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