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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ नगरपालिका आम निर्वाचन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे जिले का प्रशासन लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में पूरी गंभीरता से जुट गया है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना अब केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है।
इसी मिशन के तहत समाहरणालय सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सिर्फ नियम नहीं सिखाए गए, बल्कि यह समझाया गया कि हर मतदाता की सुरक्षा, भरोसा और सम्मान कैसे सुनिश्चित किया जाए।
प्रशिक्षण नहीं, जिम्मेदारी का अभ्यास
सभागार में बैठे अधिकारी केवल नोट्स नहीं ले रहे थे, बल्कि आने वाले चुनाव की पूरी तस्वीर उनके सामने थी। मास्टर ट्रेनर्स ने मतदान प्रक्रिया, मतपेटिका संचालन, रिपोर्टिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवहारिक तरीके से समझाया। जब अधिकारियों ने खुद मतपेटिका खोलने और बंद करने का अभ्यास किया, तो साफ दिखा कि प्रशासन किसी भी चूक के लिए जगह नहीं छोड़ना चाहता।

डीसी का संदेश : डर नहीं, भरोसे का माहौल बनाएं
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी मनीष कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जनता के विश्वास की परीक्षा है।
डीसी ने कहा कि हर सेक्टर पदाधिकारी का कर्तव्य है कि वह मतदान केंद्र तक पहुंचने वाले रास्तों, बिजली-पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और संचार सुविधा की खुद जांच करे। उनका जोर था कि नया मतदान केंद्र हो या पुराना, हर मतदाता को सही जानकारी मिलनी चाहिए।
आदर्श आचार संहिता पर सख्त नजर
प्रशासन की नजर सिर्फ मतदान दिवस पर नहीं, बल्कि उससे पहले की हर गतिविधि पर है। अवैध पोस्टर, दीवार लेखन, सरकारी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल और भ्रामक प्रचार पर निगरानी के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि छोटी सी लापरवाही भी लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

संवेदनशील इलाकों में विश्वास की खेती
कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं, जहां डर, दबाव और अफवाहें जल्दी असर दिखाती हैं। इन्हीं क्षेत्रों पर प्रशासन की खास नजर है। सेक्टर पदाधिकारियों को नियमित दौरा करने, लोगों से बात करने और भरोसा कायम करने के निर्देश दिए गए। ताकि कोई भी मतदाता दबाव में आकर चुप न रहे।
मतदान दिवस की हर पल की निगरानी
मतदान के दिन हर गतिविधि पर नजर रखने की पूरी योजना तैयार की गई है। कब मतदान शुरू हुआ, कितने लोगों ने वोट डाले, कहां समस्या आई, किस बूथ पर सुरक्षा बढ़ानी है, सबकी रिपोर्ट तुरंत नियंत्रण कक्ष तक पहुंचेगी। शिकायतों का तुरंत समाधान और व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दी गई है।
मतदान के बाद भी सतर्कता जरूरी
चुनाव सिर्फ वोट डालने पर खत्म नहीं होता। मतपेटिकाओं की सीलिंग, दस्तावेजों की जांच और रिपोर्ट जमा करने तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। हर सेक्टर पदाधिकारी को जवाबदेह बनाया गया है कि कोई भी कागज अधूरा न रहे।
लोकतंत्र की असली ताकत : जिम्मेदार प्रशासन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थापना उप समाहर्ता त्रिभुवन कुमार सिंह, राहुल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यह चुनाव सिर्फ प्रशासन का नहीं, बल्कि जनता का पर्व है।
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