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Ranchi : झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को गहरा आघात पहुंचा था, जबकि हेमंत सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम किया है।
युवाओं के हित में परीक्षा रद्द करने का फैसला
विनोद पांडेय ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को युवाओं के हित में बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। भाजपा सरकार के समय नियुक्तियों की अधिसूचनाएं जारी कर उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता था। यहां तक कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामले की जांच भी दबा दी गई थी।
युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है हेमंत सरकार
झामुमो नेता ने कहा कि हेमंत सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कठिन फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। जबकि भाजपा सिर्फ युवाओं के नाम पर राजनीति करने का काम करती रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा अपने कार्यकाल में कौन-सा ठोस रोजगार सृजन कार्यक्रम लेकर आई थी।
मिशन वात्सल्य पर केंद्र सरकार को घेरा
मिशन वात्सल्य योजना पर भाजपा की बयानबाज़ी को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए पांडेय ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र जानबूझकर झारखंड को फंड आवंटन में रोड़े अटका रही है। इसके बावजूद हेमंत सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मिशन वात्सल्य के तहत राज्य में बाल गृह, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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