अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : रांची की रातें फिर से दहशत में हैं। गोलियों की आवाज़ें, सोशल मीडिया पर धमकियां और अपराध की वह पुरानी छाया – सब लौट आई है। झारखंड का अपराध जगत एक बार फिर दो नामों के बीच सिमट गया है — अमन साहू गैंग और सुजीत सिन्हा गैंग। दो गैंग के बीच में फंसा पूरा सिस्टम।
डोरंडा की रात – जब खामोशी टूटी गोलियों की आवाज़ से
शनिवार की रात रांची के डोरंडा कुसाई कॉलोनी में अचानक गोलियों की आवाज़ गूंजी। कुछ बदमाश हथियारों से लैस होकर सड़क पर निकले और गोलियों की बौछार कर दी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। क्लिप के साथ लिखा था – “अगर अमन गैंग ने एक भी गोली चलाई, तो अगली बार घर में घुसकर गोली मारेंगे।”
यह पोस्ट “कोयलांचल शांति सेना” नामक फेसबुक पेज से अपलोड हुई।
नाम सुनने में भले ही ‘शांति सेना’ लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी है खून और बारूद की कहानी।
कोयलांचल शांति सेना – नाम शांति का, काम हिंसा का
पुलिस सूत्र बताते हैं कि कोयलांचल शांति सेना का इस्तेमाल गैंग अपनी पहचान छिपाने के लिए करते हैं। कभी यह पेज अमन साहू के समर्थन में पोस्ट डालता है, तो कभी सुजीत सिन्हा को “कोयलांचल का शेर” बताकर उभारता है। लेकिन इस बार मामला और गंभीर हो गया —
क्योंकि पोस्ट के साथ धमकी का लहजा खुलकर सामने आया।

पुलिस की जांच – असली या एडिटेड वीडियो?
डोरंडा गोलीकांड के बाद रांची पुलिस हरकत में आई। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि वीडियो की जांच चल रही है। पहली नज़र में यह साफ है कि वीडियो में आवाज़ एडिट की गई है, फिर भी पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही। “जो भी सच होगा, कार्रवाई पक्की होगी,” एसपी ने कहा।
कुख्यात राहुल दुबे की धमकी- पलामू जेल के गेट से लेकर छपरा तक बम और गोली की आवाज गूंजेगी
इधर, राहुल दुबे गैंग की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी कर जवाबी धमकी दी गई। बयान में लिखा गया — “अगर एक भी गोली चली, तो पलामू जेल के गेट से लेकर छपरा तक बम और गोली की आवाज गूंजेगी।” इसमें कोयलंचल शांति सेना का मुखिया सुजीत सिन्हा को बताया गया और उस पर डर फैलाने के लिए जगह-जगह फायरिंग कराने का आरोप लगाया गया।

कुख्यात राहुल सिंह की प्रेस रिलीज – धमकी, चुनौती और चेतावनी
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। देर शाम सोशल मीडिया पर एक नया प्रेस रिलीज सामने आया — हस्ताक्षर था “Rahul Singh Gang”। इसमें लिखा था – “अगर एक भी गोली चली तो अंजाम बुरा होगा। दूसरे के घर में गोली चलाने से पहले अपना घर परिवार का सुरक्षा का व्यव्स्था कर लो।
राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि सुजीत सिन्हा पलामू जेल के अंदर से मोबाइल पर अपने गैंग को संचालित कर रहा है। साथ ही उसने जेल प्रशासन और एसपी रीष्मा रमेशन को खुली चेतावनी दी — “अगर जेल में सिस्टम बंद नहीं हुआ, तो हम पलामू को अशांत कर देंगे।” ऐसा लग रहा था मानो किसी फिल्म का संवाद लिखा जा रहा हो,
पर यह झारखंड की सच्ची कहानी है।

दो सिरों से उठता धुआं – अमन बनाम सुजीत
एक ओर अमन साहू का गैंग, जो रांची और धनबाद के कोयलांचल इलाकों में सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर सुजीत सिन्हा, जिसका दबदबा पलामू से लेकर बिहार के छपरा तक फैला है। दोनों की अदावत नई नहीं है। वर्चस्व, रंगदारी और पुलिस के रडार से बचने की जंग में अब यह टकराव सोशल मीडिया तक पहुंच गया है।
क्या झारखंड फिर से गैंगवार के दौर में लौट रहा है?
डोरंडा की फायरिंग, धमकी भरे पोस्ट और बढ़ती बयानबाजी
इस बात का संकेत हैं कि अपराधी अब सिस्टम से नहीं, एक-दूसरे से भिड़ने को तैयार हैं। और जब अपराधी भिड़ते हैं — तब शहर की गलियों में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती हैं, लोगों की नींदें उड़ जाती हैं और प्रशासन का चैन छिन जाता है।
पुलिस अलर्ट, जनता चिंतित
पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है। वीडियो की सच्चाई, पोस्ट करने वालों की लोकेशन और अकाउंट के एडमिन तक पहुँचने की कोशिश जारी है। लेकिन रांची के लोग कह रहे हैं — “कभी यह शहर शांति का प्रतीक था, अब डर का ठिकाना बनता जा रहा है।” अमन गैंग और सुजीत गैंग की अदावत अगर इसी रफ्तार से बढ़ी, तो झारखंड की सड़कों पर बारूद की गंध महसूस की जा सकती है।
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग-गया का आतंक दानिश अब पुलिस के शिकंजे में


