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Patna : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को गंगा पथ का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक मिथलेश तिवारी ने मांग की कि गंगा पथ का विस्तार बक्सर तक किया जाए, ताकि पश्चिमी बिहार के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।
मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
मांग पर जवाब देते हुए पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जयसवाल ने कहा कि पहले लोग मरीन ड्राइव देखने मुंबई जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच से वही सुविधा अब पटना में साकार हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच दूरदर्शी है और राज्य को बेहतर बुनियादी ढांचा देने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। मंत्री ने बताया कि गंगा पथ का विस्तार पहले से जारी है। आगे इसका दायरा बढ़ाने को लेकर वित्तीय स्थिति और व्यवहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सकारात्मक सोच के साथ बिहार के विकास के लिए काम कर रही है।
गया जी कॉरिडोर की भी उठी मांग
सदन में सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने गया जी में भी मरीन ड्राइव की तर्ज पर कॉरिडोर बनाने की मांग रखी। उनका कहना था कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा।
‘मरीन ड्राइव’ नहीं, अब पहचान है ‘गंगा पथ’
इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने हल्के अंदाज में कहा कि अब इसे मरीन ड्राइव कहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तो मुंबई के लोग भी कह रहे हैं कि वहां का इलाका गंगा पथ जैसा बनाया जाए, क्योंकि गंगा पथ ज्यादा सुंदर और व्यवस्थित है।
क्या है गंगा पथ परियोजना
गंगा पथ, जिसे जेपी गंगा पथ के नाम से भी जाना जाता है, पटना में गंगा किनारे बना एक महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट है। इससे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आवाजाही को आसान बनाने में काफी मदद मिली है। अब अगर इसका विस्तार बक्सर तक होता है तो पटना से लेकर पश्चिमी बिहार के जिलों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत हो सकती है।\
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