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Garhwa : दोपहर ढलने को थी, टंडया चौक पर हलचल तेज थी। लोग अपनी-अपनी रफ्तार से गुजर रहे थे। तभी अचानक पुलिस की नजर दो बाइक और एक स्कूटी पर सवार आठ संदिग्ध युवकों पर पड़ी। जैसे ही पुलिस ने रुकने का इशारा किया, वे तेजी से भागने लगे। पलभर के लिए सड़क पर अफरातफरी का माहौल बन गया। लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने दौड़ लगाई और कुछ ही देर में पूरे गिरोह को दबोच लिया। इसी के साथ गढ़वा में एक बड़ी लूट की साजिश नाकाम हो गई। गिरफ्तार लोगों में आनंद कुमार रवि (23), अनुराग कुमार (20), दीपक कुमार माझी उर्फ पासवान (21), सरोज कुमार (18), बबी कुमार राम (18), राजा कुमार (19), सभी डाल्टनगंज (पलामू) निवासी हैं। वहीं अजीत कुमार उर्फ छोटू (29) और रितिक नौरंग (25) गढ़वा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उधर, गिरोह का सरगना धीरज मिश्रा भी रामगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। उसके साथ गिरोह के अन्य तीन सदस्य भी पकड़े गये हैं।
गुप्त सूचना से खुली साजिश
22 सितंबर की सुबह 10 बजे पुलिस कप्तान अमन कुमार को सूचना मिली थी कि धीरज मिश्रा का गिरोह गढ़वा में किसी ज्वेलरी दुकान को लूटने की योजना बना रहा है। सूचना इतनी पुख्ता थी कि तत्काल एक विशेष छापामारी टीम गठित कर दी गई। जगह-जगह पुलिस तैनात की गई और दोपहर 2:30 बजे टंडया चौक पर अपराधियों का सामना हो गया और पुलिस ने सभी को दबोच लिया।
हथियार और नकदी के साथ गिरफ्तारी
पुलिस ने जब आरोपियों की तलाशी ली, तो एक बड़ा जखीरा सामने आया। गिरोह के पास से 6 देसी कट्टे, 10 जिंदा कारतूस, 2 चाकू, 8 मोबाइल, 2 बाइक, 1 स्कूटी और 15000 रुपये कैश बरामद हुए। यह साफ था कि अपराधी किसी बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
रूप अलंकार ज्वेलर्स था निशाने पर
पूछताछ में अपराधियों ने खुलासा किया कि वे गढ़वा के प्रसिद्ध रूप अलंकार ज्वेलर्स को लूटने वाले थे। उन्होंने बताया कि सरगना धीरज मिश्रा और उसके दो साथी तिलदाग चौक पर कार में मौजूद थे, लेकिन पुलिस को देखते ही वे फरार हो गए। धीरज मिश्रा सहित चार लोगों को रामगढ़ पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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