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Ranchi : शनिवार की छुट्टी अर्णब मुंडा के लिए जिंदगी का आखिरी दिन बन गई। जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत 28 वर्षीय अर्णब दोस्तों के साथ रांची के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जोन्हा फॉल घूमने गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सैर हमेशा के लिए बिछड़ने की वजह बन जाएगी। नदी में नहाने के दौरान अर्णब गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, कोकर स्थित उनके घर में चीख-पुकार मच गई। मां सरिता धान का रो-रोकर बुरा हाल है। देर रात तक परिजन अर्णब के शव के घर पहुंचने का इंतजार करते रहे। वहीं, जल संसाधन विभाग में भी इस खबर के बाद शोक का माहौल है।
दोपहर में घूमने निकले और शाम तक आई मौत की खबर
परिजनों के मुताबिक शनिवार को अर्णब की छुट्टी थी। वह अपने कुछ दोस्तों के साथ जोन्हा फॉल घूमने गए थे। मौसम भी सुहावना था और छुट्टी होने की वजह से वहां लोगों की भीड़ थी। इसी दौरान सभी नदी में नहाने उतरे। बताया जाता है कि अर्णब अचानक गहरे पानी की तरफ चले गए। दोस्तों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची।
घर में इंतजार था बेटे के लौटने का, लेकिन पहुंची दुखद खबर
अर्णब के घर पर किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में इतनी बड़ी दुखद खबर मिलने वाली है। शाम होते-होते जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। कोकर स्थित डीआईजी मैदान इलाके में रहने वाले अर्णब के घर पर देखते ही देखते रिश्तेदार, पड़ोसी और परिचित जुटने लगे। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि इतनी कम उम्र में आखिर यह कैसे हो गया।
मां सरकारी नौकरी में, दोनों भाई भी पढ़े-लिखे पेशे से जुड़े
अर्णब की मां सरिता धान रांची के मुख्य डाकघर (जीपीओ) में कार्यरत हैं। बड़े भाई हर्षित मुंडा ओडिशा में इंजीनियर हैं, जबकि छोटे भाई जितरांग मुंडा चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) की तैयारी कर रहे हैं। परिवार को अर्णब से काफी उम्मीदें थीं। उनकी नौकरी लगने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
रविवार को चर्च में होगी प्रार्थना सभा, फिर दी जाएगी अंतिम विदाई
परिजनों ने बताया कि रविवार को चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार अर्णब के शव को दफनाया जाएगा। अंतिम विदाई में परिवार, रिश्तेदार, दोस्त और विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
विभाग ने कहा, एक होनहार इंजीनियर को खो दिया
अर्णब की मौत की खबर जल संसाधन विभाग पहुंचते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने बताया कि अर्णब बेहद शांत स्वभाव के, मेहनती और अपने काम को लेकर गंभीर रहने वाले इंजीनियर थे। उन्होंने कहा कि विभाग ने एक ऐसे युवा अधिकारी को खो दिया है, जिसके सामने लंबा भविष्य था।
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