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Nalanda : नालंदा के एक छोटे से गांव की सुबह उस दिन साधारण नहीं थी। खेत के बीचोंबीच पड़े एक युवक के शव ने पूरे इलाके को हिला दिया। गांव में वही फुसफुसाहट, वही बेचैनी, वही सवाल कि यह कैसे हुआ। लेकिन इस कहानी की जड़ें कहीं गहरी थीं, जहां प्रेम, डर, समाज और छिपे तनाव एक साथ मिलकर एक अपराध की तरफ बढ़ रहे थे।
एक साल पुराना रिश्ता, जो किसी को मंजूर नहीं था
गांव के लोग बताते हैं कि युवक शांत स्वभाव का था। मजदूरी करता था और घर चलाता था। कुछ लोगों ने हौले से कहा कि वह अक्सर एक शादीशुदा महिला से बात करता दिख जाता था। दोनों के बीच पिछले एक साल से रिश्ता बना हुआ था। गांव में यह चर्चा थी, पर कोई खुलकर कुछ कहता नहीं था। महिला का घर उस रास्ते में पड़ता था जहां से युवक खेतों की ओर जाता था। कई बार दोनों की लंबी बातचीत को लोगों ने देखा, लेकिन गांव की चुप्पी अक्सर इन बातों को दबा देती थी।
वह आखिरी रात
घटना वाले दिन रात सामान्य ही थी। युवक घर से निकला और खेत की ओर चला गया। शायद उसे लगा कि रात की शांति उन्हें कुछ देर मिलने का मौका दे देगी। लेकिन यह एक ऐसी रात बन गई जिसने सब कुछ बदल दिया। महिला के परिजनों को जब इस मुलाकात की खबर मिली, तो वे गुस्से में मौके पर पहुंच गए। खेत की अंधेरी मिट्टी पर कुछ ही देर में चीखें और मारपीट की आवाजें फैल गईं। युवक को इतना पीटा गया कि वह वहीं गिर पड़ा। परिजन भाग गए और खेत में सिर्फ खामोशी रह गई।

कॉल रिकॉर्ड से खुला राज
अगली सुबह शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। गांव में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। तभी पुलिस ने मृतक का मोबाइल खंगाला। आखिरी कॉल उसी महिला को किया गया था। कॉल रिकॉर्ड में लंबे समय से लगातार बातचीत साफ नजर आ रही थी। यहीं से कहानी खुलने लगी। पुलिस महिला के घर पहुंची और पूछताछ में परिजनों ने घटना कबूल कर ली। चार आरोपी गिरफ्तार हुए।
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