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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के केकेएम कॉलेज का बीएड विभाग बुधवार को थोड़ा अलग नजर आ रहा था। सामान्य दिनों की तुलना में उस दिन माहौल ज्यादा जीवंत था। छात्रों के चेहरे पर उत्सुकता थी और शिक्षकों में भी एक खास ऊर्जा दिख रही थी। वजह थी जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल प्रोजेक्ट प्रयास के तहत आयोजित एक विशेष संवाद सत्र।
कक्षाओं से बाहर एक अलग सीख
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. युगल झा और बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. महबुब आलम के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम केवल जानकारी देने भर का मंच नहीं था। यह छात्रों के लिए एक मौका था कि वे उन अवसरों को समझें जिनकी वजह से उनकी राह बदल सकती है। रिसोर्स पर्सन अवधेश कुमार और PMU के सदस्य कुमार आयुष और विवेक रंजन ने जब मंच संभाला, तो माहौल और भी सुकूनभरा हो गया। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि प्रोजेक्ट प्रयास का मकसद सिर्फ कोचिंग देना नहीं, बल्कि युवाओं को अपने भीतर की क्षमता पहचानने में मदद करना है।
मुफ्त कोचिंग, मजबूत तैयारी
अतिथियों ने एक-एक कर उन सुविधाओं की जानकारी दी जो जिला प्रशासन युवाओं को उपलब्ध करा रहा है।
JPSC और JSSC की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग, नियमित कक्षाएं, टेस्ट सीरीज, ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टडी मटेरियल, लाइब्रेरी तक पहुंच और व्यक्तिगत मेंटरशिप। कई छात्र यह सुनकर हैरान थे कि इतनी सारी सुविधाएं उन्हें बिना किसी शुल्क के मिल सकती हैं।
जब छात्रों ने सवाल किए
सत्र का सबसे जीवंत हिस्सा तब आया जब छात्रों को सवाल पूछने का मौका दिया गया। एक छात्रा ने पूछा कि क्या ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह कोचिंग कारगर होगी। अवधेश कुमार ने सहज अंदाज में जवाब दिया, “आप कहां से आते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता। फर्क इससे पड़ता है कि आप कितनी ईमानदारी से तैयारी करते हैं। बाकी समर्थन का काम प्रोजेक्ट प्रयास करेगा।” दूसरे छात्र ने परीक्षा पैटर्न को लेकर संदेह बताया। टीम ने उदाहरण देकर उसकी शंका दूर की। कई छात्रों ने यह भी माना कि अब तक उन्हें आवेदन प्रक्रिया को लेकर काफी भ्रम था, जो इस सत्र के बाद बिल्कुल साफ हो गया।
नई राह, नया जोश
कार्यक्रम के अंत में छात्रों की आंखों में एक अलग चमक थी। कई छात्र-छात्राएं आपस में भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे। उनके शब्दों में साफ था कि यह संवाद उनके भीतर एक नई उम्मीद लेकर आया है। एक छात्र ने कहा, “हमें लगता था कि सिविल सेवा की तैयारी सिर्फ बड़े शहरों का मामला है। आज समझ आया कि पाकुड़ में भी हमें वही मौका मिल सकता है।”
जिले के युवाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश
प्रोजेक्ट प्रयास की यह पहल अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गई। यह युवाओं के सपनों को जमीन देने की कोशिश बन चुकी है। केकेएम कॉलेज का यह संवाद सत्र इस बात का सबूत है कि सही दिशा और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो छोटे शहरों के युवा भी बड़े सपने पूरे कर सकते हैं। पाकुड़ में हुए इस सत्र ने छात्रों को न सिर्फ जानकारी दी, बल्कि उनकी सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी उसका असर कॉलेज के गलियारों में महसूस हो रहा था।
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