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Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। अब जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है या जिनके नाम, पता, उम्र अथवा अन्य जानकारी में कोई गलती है, उनके पास उसे ठीक कराने और नया नाम जुड़वाने का मौका है। राज्य के CEO यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके बाद सभी आवेदनों की जांच और सुनवाई होगी तथा 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देख सकेंगे अपना नाम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 5 अगस्त को राज्य के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूची और एएसडीडी सूची जारी कर दी गई है। यह सूची आम लोगों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। मतदाता अपने मोबाइल फोन पर वोटर ऐप या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड की वेबसाइट के जरिए अपना नाम देख सकते हैं। वेबसाइट पर एसआईआर ड्राफ्ट रोल 2026 और एसआईआर एएसडीडी लिस्ट 2026 का लिंक दिया गया है। जिला, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र का चयन कर संबंधित पीडीएफ भी डाउनलोड किया जा सकता है। एएसडीडी सूची में प्रत्येक नाम के साथ उसे सूची में शामिल किए जाने का कारण भी दर्ज किया गया है।
ऑफलाइन व्यवस्था के तहत हर मतदान केंद्र पर प्रारूप मतदाता सूची और एएसडीडी सूची की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों के पंचायत कार्यालयों, शहरी क्षेत्रों के नगर निकाय कार्यालयों, जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी कार्यालयों और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के पास भी सूची उपलब्ध रहेगी।

एक महीने तक मिलेगा दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका
के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसलिए हर पात्र भारतीय नागरिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज हो। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर तक फॉर्म-6 भरकर नया नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं यदि किसी मतदाता के नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण में गलती है तो निर्धारित प्रपत्र के जरिए उसका सुधार भी कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त कर उनका डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। यह कुल मतदाताओं का 83.51 प्रतिशत है। हालांकि विभिन्न कारणों से करीब 43.61 लाख गणना प्रपत्र अब तक प्राप्त नहीं हो सके हैं।
बिना नोटिस किसी का नाम नहीं हटेगा, अपील का भी रहेगा अधिकार
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रारूप मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस जारी किए और कारण बताते हुए आदेश पारित किए नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी मतदाता को किसी निर्णय पर आपत्ति होगी तो उसे अपील करने का पूरा अधिकार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक नोटिस जारी करने, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया चलेगी। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे स्वयं अपना नाम और पूरा विवरण एक बार जरूर जांच लें। साथ ही अपने परिवार, पड़ोस, दोस्तों और अन्य पात्र लोगों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और किसी भी गलती को समय रहते ठीक कराने के लिए प्रेरित करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
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