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Gaya : झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार के गया जिले में भी दिख सकता है। मौसम विभाग की ओर से झारखंड के कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी होने के बाद गया जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन को आशंका है कि अगर झारखंड में तेज बारिश का दौर जारी रहा तो वहां से आने वाली नदियों का पानी तेजी से बढ़ सकता है। इसका असर गया के नदी किनारे बसे गांवों और शहर के निचले इलाकों में पड़ सकता है।
फल्गु और मोहाने समेत गया की कई नदियों का जलस्तर झारखंड में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है। यही वजह है कि 18 और 19 अगस्त को झारखंड में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए गया में अधिकारियों को चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। शेरघाटी, बांकेबाजार, बोधगया, बतसपुर और गयाजी शहर के निचले इलाकों को लेकर खास सावधानी बरती जा रही है।
झारखंड में बारिश बढ़ी तो अचानक बढ़ सकता है फल्गु का पानी
फल्गु नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए झारखंड में होने वाली बारिश हमेशा चिंता की वजह रही है। नदी किनारे रहने वाले मोहम्मद जीशान आलम बताते हैं कि झारखंड में जब भी तेज बारिश होती है, फल्गु नदी का पानी अचानक बढ़ने लगता है। इसका सबसे ज्यादा असर नदी किनारे रहने वाले गरीब परिवारों पर पड़ता है। कई बार पानी घरों में घुस जाता है और लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि नदी के किनारे रहने वाले परिवार बारिश के मौसम में हर समय डरे रहते हैं। रात में अगर अचानक पानी बढ़ जाए तो लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकालने की होती है। ऐसे में झारखंड में लगातार बारिश की खबर मिलते ही नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
भूसंडा गांव के मोहम्मद महफूज का कहना है कि इस समय फल्गु नदी में पहले से पानी है। बारिश के दिनों में नदी का बहाव तेज होने के कारण डूबने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। नदी किनारे बने सैकड़ों घरों के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। लोगों को डर है कि अगर झारखंड में तेज बारिश हुई तो नदी का पानी अचानक बढ़ सकता है और हालात संभालना मुश्किल हो सकता है।
गया की कई नदियों का पानी झारखंड की बारिश पर निर्भर
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम पंकज कुमार ने बताया कि 18 और 19 अगस्त को झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए गया जिले में अलर्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि गया जिले की अधिकांश नदियां झारखंड से जुड़ी हुई हैं। मोहाने नदी के साथ शेरघाटी इलाके से होकर गुजरने वाली कई नदियों का जलस्तर झारखंड में होने वाली बारिश के हिसाब से तेजी से बदलता है।
एडीएम ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभव में यह देखा गया है कि झारखंड में ज्यादा बारिश होने के बाद गया की नदियों का पानी तेजी से बढ़ता है। इसका असर नदी के किनारे बसे गांवों पर पड़ता है और कई जगह पानी घरों तक पहुंच जाता है। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से तैयारी में जुट गया है।
झारखंड की सीमा से सटे मोहनपुर, बोधगया और शेरघाटी अनुमंडल के प्रखंडों में अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में माइकिंग, नदी से दूर रहने की अपील
प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को माइकिंग के जरिए लगातार सावधान किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे नदी के पास जाने से बचें। बच्चों और पशुओं को भी नदी किनारे न जाने दें। अगर नदी का पानी बढ़ता दिखाई दे तो किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
अधिकारियों ने लोगों से यह भी कहा है कि किसी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और सिर्फ मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना पर ही ध्यान दें। किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत जानकारी देने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव से जुड़ी टीमों को अलर्ट रखा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल मदद पहुंचाने की तैयारी है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर झारखंड में होने वाली बारिश और उसके बाद फल्गु, मोहाने समेत दूसरी नदियों के जलस्तर पर है। अगर बारिश तेज हुई तो गया के निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए प्रशासन लोगों को पहले से ही सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
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