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Ranchi : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करना छात्रों की समस्या का समाधान नहीं है। छात्रों की मुख्य मांग सीबीआई जांच की है और जब तक पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत में मरांडी ने कहा कि पिछले 24 दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग शुरू से स्पष्ट है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। इसके बावजूद सरकार ने कैबिनेट में बैठकर परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया। मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों को गुमराह करने की रणनीति बना रही है। इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं
मरांडी ने कहा कि टीडीपीएल कंपनी की ओर से ली गई परीक्षाओं और जेएसएससी सीजीएल को रद्द करने का फैसला सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। लेकिन इससे यह पता नहीं चलेगा कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग परीक्षा रद्द करने की नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा रद्द करने के बाद अदालत का रास्ता खुला छोड़ना चाहती है। यदि मामला कोर्ट में पहुंचता है तो सरकार की जांच एजेंसी सीआईडी ही तथ्य पेश करेगी। मरांडी ने आरोप लगाया कि पहले भी सीआईडी की जांच पर सवाल उठ चुके हैं। ऐसे में अदालत से परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगने की स्थिति बन सकती है और इसका फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर नौकरी हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में अलग-अलग जगहों से लगातार खुलासे हो रहे हैं। छात्रों के लिए इन घटनाओं के पीछे की पूरी सच्चाई साबित करना आसान नहीं है। इसलिए जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से होनी चाहिए।
‘नौकरी बेचने वालों का चेहरा सामने आए’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए, ताकि कथित बिचौलियों, भ्रष्ट अधिकारियों और पैसे के बल पर नौकरी हासिल करने वालों की भूमिका सामने आ सके। मरांडी ने जेएसएससी के चेयरपर्सन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2024 से पद पर रहने के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सीआईडी के उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की साझेदार है, इसलिए वह छात्रों के मुद्दे पर खुलकर आवाज नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र हित के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। मरांडी ने छात्रों से सीबीआई जांच की मांग पर अडिग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। जब तक पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश नहीं होता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उनके मुताबिक, परीक्षा रद्द करना केवल तात्कालिक कदम है, जबकि गड़बड़ी की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।
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