अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड के चुनावी तंत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। CEO यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बुधवार को निर्वाचन सदन में राज्य के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक का मकसद आगामी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण और मतदाता पंजी विषय पर व्याख्यान की रूपरेखा तय करना था। CEO ने कहा कि झारखंड के कॉलेज और विश्वविद्यालय हमेशा चुनावी प्रक्रिया में सहयोगी रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब यह सहयोग अंतर्राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की भूमिका को मजबूत करेगा। हमारा प्रस्तुतीकरण केवल तथ्यात्मक नहीं, बल्कि अकादमिक इनपुट के साथ प्रभावशाली भी होगा।
शिक्षाविदों का सहयोग : प्रस्तुतीकरण को अकादमिक मजबूती
बैठक में सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के प्रो. बीरेन्द्र कुमार सिन्हा और डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय ने राजनीति विज्ञान के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने वैश्विक मंच पर विषय को समझाने और प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ के डॉ. आनंद कुमार आर. शिंदे ने विधिक पहलुओं पर प्रकाश डाला और प्रस्तुतीकरण को न्यायसंगत बनाने के सुझाव दिए।
विविध विशेषज्ञों की भूमिका : राजनीति, विधि और पत्रकारिता से इनपुट
केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुतीकरण को मजबूत करने के उपाय सुझाए। अंतरराष्ट्रीय सम्बन्ध प्रभाग की डॉ. अपर्णा और एमिटी यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक प्रोफेसर सुश्री सुमेधा चौधरी और सुश्री प्रिया शोम ने चुनावी जानकारी के संचार और मीडिया प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय के नोडल अधिकारी देव दास दत्ता और उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर भी बैठक में मौजूद थे और विशेषज्ञों के सुझावों को क्रियान्वित करने में मदद की।
इसे भी पढ़ें : वोटर मैपिंग पर चुनाव अधिकारियों को CEO की दो टूक… जानें क्या

