Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 7 October, 2026 • 05:48 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » नक्सलवाद की तोड़ी रीढ़, साइबर ठगों पर शिकंजा… डीजीपी गिना गईं बड़ी कामयाबियां
Headlines

नक्सलवाद की तोड़ी रीढ़, साइबर ठगों पर शिकंजा… डीजीपी गिना गईं बड़ी कामयाबियां

August 16, 2026No Comments7 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Ranchi : झारखंड में नक्सलवाद की कमर तोड़ने से लेकर साइबर ठगी, नशे के कारोबार और संगठित अपराध पर शिकंजा कसने तक पुलिस ने इस साल कई मोर्चों पर बड़ी कार्रवाई की है। 15 अगस्त को पुलिस मुख्यालय में तिरंगा फहराने के बाद डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इन अभियानों का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा। जनवरी से 5 अगस्त तक 103 नक्सली गिरफ्तार हुए, 46 ने आत्मसमर्पण किया और 22 मुठभेड़ में मारे गए। वहीं साइबर अपराध में 486 और नशे के कारोबार में 710 आरोपितों की गिरफ्तारी ने साफ कर दिया कि झारखंड पुलिस की लड़ाई अब सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों और डिजिटल दुनिया में सक्रिय अपराधियों तक भी पहुंच गई है।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस की असली जिम्मेदारी लोगों को सुरक्षित माहौल देना और कानून के प्रति उनका भरोसा मजबूत करना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने की अपील की। साथ ही कहा कि साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध और समाज में फैली दूसरी बुराइयों के खिलाफ पुलिस को सिर्फ कार्रवाई नहीं करनी है, बल्कि लोगों के बीच जागरूकता भी बढ़ानी है। संविधान और कानून के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

Advertisement

नक्सलवाद को बड़ा झटका, 103 गिरफ्तार, 22 मुठभेड़ में मारे गए

डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस के जवानों के साहस, बलिदान और लगातार चल रहे अभियानों से राज्य में नक्सलवाद की चुनौती काफी कमजोर हुई है। जनवरी से 5 अगस्त 2026 तक राज्य में 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा भी शामिल हैं।

इसी अवधि में 46 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। वहीं पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए। इनमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल था।

नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस ने सिर्फ नक्सलियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। इस दौरान 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलो विस्फोटक, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये की लेवी बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, इन कार्रवाइयों से नक्सली संगठनों के हथियार और पैसे के नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचा है।

संगठित अपराध करने वालों पर जीरो टॉलरेंस

राज्य में संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी है। डीजीपी ने बताया कि जनवरी से जुलाई 2026 तक संगठित अपराध से जुड़े 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद हुईं।

गिरोहों से जुड़े 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय के साथ काम कर रही है। मकसद साफ है कि गिरोह के सिर्फ एक सदस्य को पकड़ने के बजाय पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जाए।

नशे के कारोबार पर कार्रवाई, 710 आरोपी गिरफ्तार

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। डीजीपी ने बताया कि जनवरी से जून 2026 तक अवैध मादक पदार्थों के इस्तेमाल और कारोबार में शामिल 710 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

इस दौरान अलग-अलग तरह के अवैध मादक पदार्थ भी जब्त किए गए। डीजीपी ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ लोगों को इसके नुकसान के बारे में जागरूक करना जरूरी है। खासकर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पुलिस को समाज के साथ मिलकर काम करना होगा।

साइबर ठगी के 486 आरोपी पकड़े, 17 लाख से ज्यादा की रकम जब्त

मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध पुलिस के सामने नई चुनौती बनकर उभरा है। डीजीपी ने बताया कि जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध में शामिल 486 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस कार्रवाई में 17 लाख रुपये से अधिक की राशि और कई अवैध वस्तुएं बरामद की गईं। विशेष अभियान चलाकर कई साइबर गिरोहों का भी खुलासा किया गया। डीजीपी ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की रकम वापस उनके खातों तक पहुंचाने की दिशा में भी पुलिस लगातार काम कर रही है।

1,485 नए वाहन मिले, पुलिस की पहुंच हुई तेज

पुलिस को संसाधनों से मजबूत करने के लिए इस साल बड़ी संख्या में नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। 13 मार्च 2026 को सीएम हेमंत सोरेन ने आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया था। इसके तहत झारखंड पुलिस को 636 चार पहिया और 849 दोपहिया वाहन मिले।

चार पहिया वाहनों में महेंद्रा बोलेरो और दोपहिया वाहनों में टीवीएस अपाचे शामिल हैं। डीजीपी ने कहा कि नए वाहनों से कानून-व्यवस्था संभालने, गश्ती करने और जरूरत के समय पुलिस को मौके पर पहुंचाने में काफी मदद मिली है।

शिकायतें बढ़ीं, फिर भी घटनास्थल पहुंचने का समय घटा

डायल-112 की व्यवस्था का जिक्र करते हुए डीजीपी ने पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार की बात कही। जनवरी में करीब 16 हजार शिकायतें दर्ज हुई थीं और पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था।

जुलाई में शिकायतों की संख्या बढ़कर करीब 23 हजार हो गई। इसके बावजूद पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम घटकर 9 मिनट 12 सेकंड रह गया। डीजीपी ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार का संकेत बताया। उनका कहना था कि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बाद भी पुलिस लोगों तक पहले से कम समय में पहुंच रही है।

पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए करोड़ों की मदद

डीजीपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए चलाए जा रहे कल्याणकारी कामों की भी जानकारी दी। जनवरी से जुलाई 2026 तक झारखंड पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों को 3.69 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।

चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से 42 लाभार्थियों को 11.99 लाख रुपये और झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों को 11.46 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारखंड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के 737 आश्रितों की सहायता के लिए करीब 3.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

153 आश्रितों को मिली नौकरी, 84 और मामले योग्य पाए गए

पुलिसकर्मियों के परिवारों को राहत देने के लिए 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। वहीं 4 अगस्त को हुई पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा समिति की बैठक में 84 मामलों को नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया। पुलिस मुख्यालय की ओर से किए जा रहे इन प्रयासों का मकसद ड्यूटी के दौरान जान गंवाने या सेवा से जुड़े दूसरे कारणों से प्रभावित पुलिस परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहारा देना है।

वीरता पदक पाने वाले 37 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन

पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। इसके अलावा वायरलेस संवर्ग के 11 पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस निरीक्षक और तीन सहायक पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई।

आयुधिक संवर्ग में 10 आयुधिक अवर निरीक्षकों को आयुधिक निरीक्षक और 24 हवलदारों को आयुधिक अवर निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति दी गई। झारखंड सशस्त्र पुलिस के 201 हवलदारों को सहायक अवर निरीक्षक की कोटि में पदोन्नति दी गई है। वहीं 970 पुलिस पदाधिकारियों के एसीपी और एमएसीपी को भी स्वीकृति दी गई है।

डीजीपी का संदेश, पुलिस के लिए जनहित सबसे ऊपर

समारोह के अंत में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहें। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाने और समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, नशाखोरी और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से नहीं निपटा जा सकता। इसके लिए समाज को भी साथ आना होगा। पुलिस को लोगों के बीच जाकर जागरूकता फैलानी होगी और हर नागरिक के मन में कानून के प्रति भरोसा मजबूत करना होगा।

डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से संविधान और कानून के प्रति पूरी आस्था रखते हुए राष्ट्रहित और जनहित को सबसे ऊपर रखने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और मजबूत झारखंड बनाने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है और हर जवान को इसे पूरी निष्ठा के साथ निभाना होगा।

इसे भी पढ़ें : CM हेमंत ने फहराया तिरंगा, बोले- युवाओं का दोषी कितना भी बड़ा हो, बख्शेंगे नहीं

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleराशिफल @ 16 अगस्त 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें
Next Article JPSC-JSSC आंदोलन के बीच CM हेमंत को धमकी, वीडियो वायरल होते ही आरोपी गिरफ्तार

Related Posts

जॉब/एजुकेशन

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026
जॉब/एजुकेशन

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026
बिहार

बिजली योजनाओं पर मंत्री लेशी सिंह सख्त, बोलीं लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

October 7, 2026
Advertisement
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026

राशिफल @ 07 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 7, 2026

बिजली योजनाओं पर मंत्री लेशी सिंह सख्त, बोलीं लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

October 7, 2026

बिहार में अब कागजों पर नहीं दिखेगा कायाकल्प, 96 हजार कामों पर सरकार की सीधी नजर

October 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.