अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : JSSC और JPSC की परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर छात्रों के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति संभालने के तरीके की तारीफ की और अधिकारियों व जवानों को संयम और जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और उनकी आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि आज के छात्र आंदोलन के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों तथा जवानों ने संयम और संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभाला। इसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीधे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना उनका अधिकार है और सरकार इस अधिकार का सम्मान करती है।
वरिष्ठ मंत्री छात्रों से करते रहे हैं बातचीत
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने छात्रों की बात सुनी है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों से बातचीत करते रहे हैं। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और सरकार संवेदनशील तरीके से इस मामले में आगे कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी मामले में दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का मकसद केवल दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में मौजूद उन कमियों को भी दूर करना है, जिनके कारण छात्रों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 10, 2026
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का भरोसा
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा पारदर्शी, तकनीक आधारित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहती है। उनका कहना है कि व्यवस्था में ऐसा बदलाव जरूरी है, जिससे आने वाले समय में किसी छात्र को परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी या प्रशासनिक कमी के कारण परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार के प्रयास से पूरा नहीं होगा। इसमें छात्रों की भागीदारी भी जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि झारखंड में केवल समस्याओं की चर्चा न हो, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए जिससे समस्याओं का स्थायी समाधान निकले।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले दिनों सामने आए मामलों में सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में जहां भी कमी मिली है, उसे दूर करने की कोशिश की जा रही है। इससे साफ है कि सरकार अब परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को केवल तत्काल कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय व्यवस्था में बदलाव पर भी जोर देना चाहती है।
विपक्ष पर लगाया छात्रों को भटकाने का आरोप
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक फायदा उठाने के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे ऐसे किसी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं।
हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्र झारखंड का भविष्य हैं। उनकी आवाज को नजरअंदाज करना सरकार का रास्ता नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि आंदोलन के दौरान संवाद और विश्वास बनाए रखें, ताकि बातचीत के जरिए इस पूरे मामले का रास्ता निकाला जा सके।
मुख्यमंत्री ने आखिर में एक बार फिर छात्रों से कहा कि सरकार उनके साथ संवाद के जरिए आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि बातचीत और विश्वास के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है। अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और उनकी मांगों पर होने वाले फैसले पर है।
इसे भी पढ़ें : नगाड़ों की गूंज के बीच CM हेमंत का संदेश- युवा भरोसा रखें, न्याय होगा











