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Khunti : घर का कोना-कोना गेंदे के फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रसोई से पकवानों की महक आ रही थी और महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। शनिवार को घर की छोटी बेटी की शादी जो होनी थी। बड़ी बहन नेहा भी इस शादी को लेकर बेहद उत्साहित थी। वह चाहती थी कि उसकी जिंदगी के इस सबसे बड़े दिन पर उसके बच्चे भी उसके साथ हंसें-खेलें और नए कपड़ों में तैयार होकर नाचें। इसी चाहत में वह शुक्रवार की सुबह अपने बच्चों को लेने ससुराल के लिए निकली थी, लेकिन किसे पता था कि चंद घंटों बाद उसी घर से खुशियों की शहनाइयां हमेशा के लिए खामोश हो जाएंगी और वहां सिर्फ चीख-पुकार सुनाई देगी।
खूंटी के घाघरा गांव के पास तजना नदी के किनारे शुक्रवार की सुबह जब दो लाशें मिलीं, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि इन बेजान शरीरों के पीछे एक हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी की इतनी खौफनाक दास्तान छुपी है।
पड़ोसी की बाइक पर सवार होकर निकली थी नेहा
लोहरदगा जिले के बड़गई गांव की रहने वाली नेहा कुमारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वह अपनी बहन की शादी से ठीक पहले करंज के डोरिया गांव (अपने ससुराल) जाकर बच्चों को कैसे लेकर आए। अकेले सफर करना मुश्किल था, तो मदद के लिए आगे आया उसका पड़ोसी अरुण कुमार राणा। अरुण, नेहा को उसकी ससुराल छोड़ने और बच्चों को वापस लाने के लिए साथ चल पड़ा। दोनों घर से निकले, हंसी-मजाक का माहौल रहा होगा, लेकिन रास्ते में ही मौत घात लगाए बैठी थी।
जब दोपहर ढलने लगी और नेहा का कोई फोन नहीं आया, तो घरवालों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगीं। फोन ट्राई किया गया तो वह भी बंद था। अनहोनी की आशंका में घबराए परिजनों ने तुरंत नजदीकी थाने का रुख किया और दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
तजना नदी का पुल और खून से लथपथ दो लाश
आशंका जताई जा रही है कि जब नेहा और अरुण तजना नदी के पुल से गुजर रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। बेरहम कातिलों ने किसी धारदार हथियार से दोनों पर ताबड़तोड़ वार किए। जब उनकी सांसें थम गईं, तो सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारों ने दोनों के शवों को पुल के ऊपर से नीचे नदी के किनारे फेंक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
शुक्रवार की सुबह जब तजना नदी के पास से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर खून से लथपथ दो लाशों पर पड़ी, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही खूंटी के एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा, खूंटी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह और सोयको थाना प्रभारी पी.आर. पांडेय पूरी टीम के साथ मौके पर दौड़े।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ये दोनों हैं कौन? तभी तफ्तीश के दौरान घटनास्थल के पास से पुलिस को एक शादी का निमंत्रण पत्र (कार्ड) मिला। इसी कार्ड पर लिखे पते के जरिए पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त की। जब पुलिस ने लोहरदगा में नेहा के परिवार को फोन घुमाया, तो शादी वाले घर में मानो बिजली गिर पड़ी। जिस आंगन में हल्दी और मेहंदी की रस्में हो रही थीं, वहां सन्नाटा पसर गया और मां-बाप बदहवास होकर खूंटी के लिए दौड़ पड़े।
सुरागों की तलाश में पुलिस और डॉग स्क्वायड
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची से फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। खोजी कुत्ते और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। पुलिस हर उस पहलू को खंगाल रही है जिससे इस दोहरे हत्याकांड का सुराग मिल सके।
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