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Koderma (Aftab Alam) : सुबह की पहली चाय के साथ जब सर्राफा बाजार की दुकानें खुलती हैं, तो हर दुकानदार के मन में एक ही सवाल रहता है… आज सब ठीक रहेगा न? सोने–चांदी की चमक के पीछे चिंता भी होती है, क्योंकि एक छोटी चूक पूरी जिंदगी की कमाई छीन सकती है। इसी चिंता को समझते हुए कोडरमा पुलिस ने सुरक्षा को लेकर एक कदम आगे बढ़ाया है। पुलिस कप्तान अनुदीप सिंह के निर्देश पर जिले में तमाम जेवर दुकानों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों का विशेष सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। यह महज औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि पुलिस और आम लोगों के बीच भरोसे को मजबूत करने की कोशिश है।
बारीकी से देखी जा रही हर चीज
इस अभियान के दौरान पुलिस टीम जिले के हर थाना और ओपी क्षेत्र में पहुंच रही है। कहीं बैंक के बाहर लगे कैमरों की दिशा देखी जा रही है, तो कहीं दुकान के भीतर रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता जांची जा रही है। कई जगह दुकानदारों से सीधे बात कर पूछा जा रहा है कि कैमरे सही से चलते हैं या नहीं, अलार्म बजता है या सिर्फ लगा हुआ है। सर्राफा बाजार हो या बैंक की शाखा, हर जगह सुरक्षा इंतजामों को बारीकी से देखा जा रहा है।
पुलिस के इस कदम से बढ़ रही हिम्मत
सर्राफा बाजार के एक दुकानदार कहते हैं, “पहले डर लगता था कि कहीं चोरी हो गई तो क्या होगा। आज पुलिस खुद आकर बता रही है कि कहां कैमरा लगना चाहिए, कौन सा लॉक मजबूत है। इससे हिम्मत मिलती है।”
कैमरे, अलार्म और पैनिक बटन तक की हो रही जांच
सुरक्षा ऑडिट में सीसीटीवी कैमरों की संख्या, कवरेज एरिया, रिकॉर्डिंग का बैकअप, डीवीआर की सुरक्षा, अलार्म और पैनिक बटन की जांच की जा रही है। भौतिक सुरक्षा के तहत शटर, ग्रिल, ताले, बायोमैट्रिक लॉक और सुरक्षा गार्ड की स्थिति भी देखी जा रही है। साथ ही बैंकों और वित्तीय संस्थानों को यह भी बताया जा रहा है कि संबंधित थानेदार और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर साफ तौर पर प्रदर्शित हों, ताकि जरूरत पड़ते ही संपर्क किया जा सके।
रात की सुरक्षा भी एजेंडे में
रात की सुरक्षा भी इस अभियान का अहम हिस्सा है। जिन इलाकों में रात के समय सन्नाटा रहता है, वहां अतिरिक्त रोशनी और गश्ती की जरूरत चिन्हित की जा रही है। कई जगह दुकानदारों ने खुद बताया कि लाइट खराब होने से डर बना रहता है, जिस पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।
कमी पर समझाया जा रहा, लापरवाही पर चेतावनी
जहां कहीं भी सुरक्षा में कमी पाई जा रही है, वहां मौके पर ही मौखिक और लिखित निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस स्पष्ट कर रही है कि यह कार्रवाई डराने के लिए नहीं, बल्कि बचाने के लिए है। हालांकि गंभीर लापरवाही बरतने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।
एसपी अनुदीप सिंह बोले…
इस पूरे अभियान पर बात करते हुए एसपी अनुदीप सिंह ने कहा कि आभूषण दुकानों और वित्तीय संस्थानों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर लगाम तभी संभव है, जब पुलिस और प्रतिष्ठान प्रबंधन साथ मिलकर काम करें। सुरक्षा ऑडिट उसी दिशा में एक जरूरी कदम है। उन्होंने आम नागरिकों, कारोबारियों और बैंक कर्मियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 पर दें। उन्होंने कहा “सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।”
कोडरमा पुलिस का यह सुरक्षा ऑडिट अभियान लगातार और चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। मकसद साफ है… दुकानदार निडर होकर दुकान खोलें, बैंककर्मी बेफिक्र होकर काम करें और आम लोग यह महसूस करें कि उनकी सुरक्षा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस की प्राथमिकता है।
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